इस्लामाबाद प्रायोजित आतंकवाद को दोनों राष्ट्रों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने में सबसे बड़ी बाधा करार देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा को भारत के साथ शांति पर बयान देने के साथ ही ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, बाजवा को पहले अपने आईएसआई को नियंत्रित करना चाहिए, और फिर भारत-पाक संबंधों में स्थिरता के बारे में बात करनी चाहिए। भारत, पाकिस्तान के साथ तब तक नरम नहीं हो सकता, जब तक वह ठोस कार्रवाई के साथ अपनी नेकनीयती का प्रदर्शन नहीं करता।

अमरिंदर ने कहा, ‘‘सीमा पार से भारत में घुसपैठ अभी भी हो रही है, भारतीय सैनिक हर दिन सीमाओं पर मारे जा रहे हैं। वे (पाकिस्तान) हर दूसरे दिन ड्रोन के माध्यम से पंजाब में हथियार और हेरोइन उतार रहे हैं। मेरे राज्य में परेशानी पैदा करने का प्रयास जारी है। यह सब पहले बंद होना चाहिए, तभी हम शांति की बात कर सकते हैं।’’

पाकिस्तान पर भरोसा करने के मामले पर, मुख्यमंत्री ने एडीसी के तौर पर 1964 के खुद के अनुभव को साझा किया। वह तब पश्चिमी कमांड में जीओसी-इन-सी के एडीसी थे। उन्होंने कहा, ‘‘हम पश्चिमी सीमा से गोलीबारी और उनकी ओर से समस्या पैदा किए जाने की दैनिक रिपोर्ट प्राप्त करते थे, जैसा कि हमें अभी भी यह रिपोर्ट प्राप्त होती हैं।’’ अमरिंदर सिंह ने कहा कि नई दिल्ली ने नहीं, बल्कि इस्लामाबाद ने दोनों देशों के बीच शांति के मार्ग पर रोक लगाई है।