आज ‘अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस’ है। हर साल 1 अक्टूबर को दुनिया भर में ‘इंटरनेशनल कॉफी डे’ मनाया जाता है। कॉफी उत्पादकों के लिए जागरूकता बढ़ाने और कॉफी में ट्रेड को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह दिन मनाया जाता है। मार्च 2014 में अंतरराष्ट्रीय कॉफी संगठन (आईसीओ) के सदस्य राज्यों द्वारा यह निर्णय लिया गया था कि ‘अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस’ 1 अक्टूबर को मनाया जाएगा। आज का दिन उन सभी को डेडिकेटेड है, जिन्हें कॉफी पीना काफी पसंद है और एक दिन में 3-4 कॉफी पी जाते हैं। कॉफी लवर्स अपनी पसंदीदा कॉफी खुद से बनाकर या कैफेटेरिया में अपने दोस्तों के साथ पीकर आज इस दिन को एंजॉय कर सकते हैं। वैसे तो कम मात्रा में कॉफी पीना फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ खास शारीरिक समस्याओं से ग्रस्त लोगों को कॉफी के सेवन से बचना भी चाहिए।

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कॉफी पीने के फायदे

ईटीदिस डॉट कॉममें छपी एक खबर के अनुसार, कैफीन की लत सेहत को कुछ नुकसान भी पहुंचा सकती है, तो कुछ फायदे भी होते हैं। कॉफी पीने के फायदों की बात करें तो कई स्टडी में कहा गया है कि कॉफी पीने से प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कम हो सकता है। हार्ट फेलियर, यहां तक ​​​​कि आपके सुनने की क्षमता भी बढ़ती उम्र में प्रभावित नहीं होती है। कॉफी में मौजूद तत्व वजन कम करने में भी कारगर होते हैं। लेकिन, कुछ लोगों के लिए कॉफी के फायदे कम, नुकसान ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। कुछ बीमारियों से ग्रस्त लोगों को कॉफी का सेवन नुकसान पहुंचा सकता है।

-यदि आपको डायरिया की समस्या है तो आप कॉफी का सेवन ना करें। कैफीन के सेवन से बाउल नियमितता बढ़ सकती है, जिसमें दस्त, इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम में वृद्धि हो सकती है। यदि आपको इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम की समस्या है तो कैफीन युक्त पेय पदार्थों को सीमित मात्रा में पिएं या बिल्कुल ही सेवन ना करें।

-एक स्टडी के अनुसार, यदि आपको आंखों की बीमारी ग्लूकोमा है, तो कॉफी का सेवन करने से अंतःस्रावी दबाव बढ़ सकता है, इसलिए इसे सीमित मात्रा में ही पिएं या सेवन करने से बचना ही चाहिए। हालांकि, ऐसा क्यों होता है, इस पर अभी अन्य शोध करने की आवश्यकता है।

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-कैफीन का सेवन करने से बार-बार पेशाब लग सकता है, खासकर उन्हें जिन लोगों को पहले से ही ओवरएक्टिव ब्लैडर की समस्या है। यदि आप नियमित रूप से कॉफी नहीं पीते हैं, तो आप इस प्रभाव के प्रति और भी अधिक संवेदनशील हो सकते हैं।

-कॉफी में मौजूद कैफीन ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट में अस्थायी वृद्धि का कारण बन सकता है। ऐसे में यदि आपको पहले से ही हार्ट संबंधित कोई समस्या है, तो आप इसके सेवन से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें और जान लें कि आपके लिए कॉफी पीना सही है या नहीं। आप कितनी मात्रा में कॉफी पी सकते हैं। इस बात का ध्यान उन लोगों को ज़रूर रखना चाहिए, जिन्हें हृदय अतालता की समस्या रहती है।

-जो महिलाएं गर्भवती हैं, उन्हें भी कॉफी के सेवन से बचना चाहिए। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी ने गर्भवती महिलाओं को गर्भपात, समय से पहले प्रसव और जन्म के समय शिशु के कम वजन के जोखिम को कम करने के लिए प्रतिदिन सिर्फ 200 मिलीग्राम तक कैफीन पीने की सलाह दी है। हालांकि, ब्रिटिश जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित 2020 की समीक्षा ने निष्कर्षों की मानें तो गर्भावस्था के दौरान कैफीन के सेवन का कोई भी सेफ लेवल नहीं है। ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं को कॉफी पीने से संबंधित अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

-यदि आप अपने शिशु को स्तनपान करती हैं, तो भी कॉफी पीने से परहेज करें वरना कैफीन के अधिक सेवन का नेगेटिव असर बच्चे की सेहत को भी पड़ सकता है। कैफीन एक मूत्रवर्धक है, इससे आप डिहाइड्रेशन की शिकार हो सकती हैं।

-एक छोटे से अध्ययन के अनुसार, अत्यधिक कॉफी के सेवन से सीजर या दौरा आने की फ्रीक्वेंसी में बढ़ोतरी पाई गई। हालांकि, इस पर अभी अधिक अध्ययन की आवश्यकता है। बावजूद इसके, यदि आपको मिर्गी की समस्या है तो कैफीन सेवन के बारे में अपने न्यूरोलॉजिस्ट से बात करके ही इसका सेवन करें।

-12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को भी कॉफी पीने के लिए नहीं देना चाहिए। बच्चों में बहुत अधिक कैफीन से हृदय गति बढ़ सकती है, एंग्जायटी, ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, पेट खराब आदि हो सकता है। कॉफी अपने आप में काफी एसिडिक होती है, जिसके परिणामस्वरूप दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंच सकता है और कैविटी का खतरा बढ़ सकता है।