त्रिपुरा और नगालैंड में खराब प्रदर्शन के बाद कांग्रेस मेघालय में भी अपनी सरकार बचाने में सफल नहीं हुई। राज्य में सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी कांग्रेस सत्ता से दूर रहेगी। 

मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने सबसे बड़े दल को विधान सभा में बहुत साबित करने का मौका दिए जाने के कांग्रेस के आग्रह के बीच नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष कोनराड संगमा को छह मार्च को नई सरकार बनाने का रविवार को न्यौता दिया। इससे साफ हो गया है कि कोनराड संगमा ही मेघालय के अगले मुख्यमंत्री होंगे।


बता दें कि संगमा मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री और लोकसभा के अध्यक्षए पीए ए संगमा के पुत्र हैं। उनकी बहन अगाथा 15वीं लोकसभा की सदस्य और पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री राज्य मंत्री रही हैं, जबकि उनके भाई जेम्स संगमा मेघालय विधान सभा में विपक्ष के चीफ  व्हीप हैं।


40 साल के कोनराड संगमा को इस तरह राजनीति विरासत में मिली है। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बादए उन्होंने 1990 में अपने पिता के कैंपेन मैनेजर के रूप में अपना करियर शुरू किया था। 2008 में वह मेघालय के सबसे कम उम्र के वित्त मंत्री बने। वित्त मंत्री बनने के 10 बाद ही उन्होंने बजट पेश किया था। कोनराड वर्तमान में तुरा संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से सांसद हैं।

अपने पिता पीए संगमा की मौत के बाद उन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। 2009-2013 तक कोनराड संगमा मेघालय विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। कॉनराड ने लंदन विश्वविद्यालय और पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और उनकी स्कूली पढ़ाई दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल से हुई।

रविवार को बीजेपी नेता हेमांता बिस्वा सरमा ने बताया कि कॉनराड संगमा मेघालय के अगले मुख्यमंत्री होंगे और नई सरकार में कोई उपमुख्यमंत्री नहीं होगा। सभी पार्टियों के प्रत्येक 2 विधायकों में से 1 विधायक सरकार का हिस्सा बनेंगे, इसलिए भाजपा भी सरकार का हिस्सा बनेगी। यूडीपी अध्यक्षए दानकुपर रॉय ने कहा कि एक पार्टी के रूप में हम मिले और सरकार के गठन के बारे में चर्चा की। हम सभी ने फैसला किया कि हमें गैर-कांग्रेस सरकार बनानी चाहिएए और हमने फैसला किया है कि एनपीपी सरकार का गठन करेगी और कॉनराड संगमा मुख्यमंत्री होंगे।


बता दें कि नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के प्रमुख कोनराड  संगमा ने रविवार शाम मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद से मुलाकात की और सरकार के गठन के लिए अपने पास 60 सदस्यीय विधानसभा में 34 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया।

संगमा ने कहा कि हम राज्यपाल से मिले और 34 विधायकों के समर्थन का पत्र दिया, जिनमें एनपीपी के 19, यूनाईटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के 6, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के 4, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) एवं भाजपा के दो-दो विधायक और एक निदर्लीय विधायक शामिल हैं। एनपीपी नेता पूर्व लोकसभा अध्यक्ष दिवंगत पीए संगमा के सबसे छोटे बेटे हैं। कोनराड अपने पिता के निधन के बाद तुरा सीट के उपचुनाव में लोकसभा के लिए निर्वाचित हुए।


उधर, कांग्रेस नेता कमल नाथ और अहमद पटेल ने शिलांग का दौरा करके क्षेत्रीय दलों से गठबंधन करने की कोशिश की थी, लेकिन उनका प्रयास सफल नहीं हो सका। 21 सीटों के साथ कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी जबकि एनपीपी के खाते में 19 सीटें आईं।

इस राज्य में कांग्रेस पार्टी की सरकार थी। इस बार 59 सीटों के लिए 372 उम्मीदवार मैदान में थे। मतदान 27 फरवरी को हुआ था। विलियमनगर सीट पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के उम्मीदवार जोनाथन संगमा की 18 फरवरी को ईस्ट गारो हिल्स जिले में आईईडी विस्फोट में मौत के बाद इस सीट पर मतदान रद्द कर दिया गया था।