शिलॉन्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जल्द ही मंत्रिमंडल में फेरबदल करने वाले हैं। इस तरह की अटकलें हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) के प्रमुख और मेघालय के तुरा से लोकसभा सांसद कोनार्ड के.संगमा को कैबिनेट में शामिल कर सकते हैं। खुद संगमा ने कहा कि कई तरह की अटकलें हैं। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से अभी तक इस तरह का कोई कम्यूनिकेशन नहीं आया है। संगमा ने स्पष्ट किया है कि वह राज्य की राजनीति में नहीं लौटेंगे। संगमा ने उन अफवाहों को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि वह अगला साल होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। 

एक कार्यक्रम के इतर पत्रकारों से बातचीत में संगमा ने कहा, मैं स्टेट इलेक्शन नहीं लड़ूंगा क्योंकि लोगों ने मुझे संसद के सदस्य के लिए जनादेश दिया था। मुझे अपनी जिम्मेदारी और भूमिका आगे भी निभानी है। अब लोगों ने फैसला कर लिया है कि मैं सांसद ही रहूंगा। मैं अपने निर्वाचन, राज्य और नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र की बेहतरी के लिए कोशिश कर रहा हूं।  जब संगमा से पूछा गया कि क्या उनकी बहन और पूर्व लोकसभा सांसद अगाथा के.संगमा भी विधानसभा चुनाव लड़ेंगी तो उन्होंने संकेत दिया कि वह चुनावी लड़ाई में शामिल हो सकती है। 

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि चीजें आने वाले महीनों में स्पष्ट होगी। आपको बता दें कि 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में एनपीपी के 2 विधायक हैं। कोनार्ड ने कहा कि उनकी पार्टी ने पहले से ही विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरु कर दी है। एक सप्ताह या 10 दिन के भीतर राज्य चुनाव समिति गठित कर दी जाएगी। समिति यह फैसला करेगी कि उम्मीदवार कब पार्टी के टिकट पर अपने आवेदन दाखिल कर सकते हैं। 

समिति पूरी स्थिति का आंकलन करेगी। बकौल संगमा, हमारा नेतृत्व दबाव डाल रहा है कि हमें सभी 60 सीटों पर उम्मीदवार खड़े करने चाहिए लेकिन हमें फिजेबिलिटी भी देखनी होगा। हमें यह भी देखना होगा कि हम कहां अच्छी टक्कर दे सकते हैं। हमें यह भी देखना होगा कि अन्य पार्टियों के बीच किस तरह की समझ विकसित होती है लेकिन आखिर में स्टेट इलेक्शन कमेटी ही फैसला लेगी कोनार्ड ने कहा, एनपीपी जमीनी स्तर पर काम कर रही है और पार्टी को संगठित किया है। हमें लोगों से अच्छे रेस्पांस की उम्मीद है क्योंकि वे बदलाव की ओर देख रहे हैं। वे कुशासन और वित्तीय संकट से से थक चुके हैं। 

जब बात राज्य के चुनाव की आती है तो यह महत्वपूर्ण है कि जमीनी स्तर पर हम चीजों को ऑर्गेनाइज करने के लिए कड़ी मेहनत करें। सत्तारुढ़ कांग्रेस के विधायकों के एनपीपी में शामिल होने पर संगमा ने कहा, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि हर कोई हर किसी के संपर्क में हैं। संगमा विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। इस तरह की खबरें थी कि कांग्रे विधायक प्रेस्टोन टी.,एस धर और अन्य एनपीपी में शामिल हो सकते हैं। 

गठबंधन पर कोनार्ड ने कहा पार्टी हमेशा समान विचारधारा वाले दलों के साथ काम करना चाहती है। हालांकि चुनाव पूर्व गठबंधन उतना आसान नहीं है क्योंकि प्रत्येक पार्टी का अपने अपने क्षेत्र में प्रभाव है। वे अपने संगठन का निर्माण करना चाहेंगे। चुनाव बाद गठबंधन को लेकर निश्चित रूप से कुछ समझ है लेकिन हम चुनाव पूर्व गठबंधन के लिए कोशिश कर रहे हैं। यह होगा या नहीं, फिलहाल यह कहना मुश्किल है।