कांग्रेेस को भरोसा है कि वह राज्य में हो रहे चारों विधानसभा उपचुनावों में जीत रही है। बल्कि उसने आने वाले दिनों में असम के जिला व राज्य स्तर से लेकर देश की राजधानी तक भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान भी कर दिया है। यहां असम प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी एआईसीसी महासचिव हरीश रावत ने कहा कि आगामी 14 नवंबर को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जन्मदिन के अगले दिन प्रदेश कांग्रेस का यह अभियान शुरू होगा।
असम के लोगों के अधिकार बचाओं में जिला कांग्रेस कमेटियों के तत्वावधान में यह आयोजन होगा। रावत ने कहा कि यह लड़ाई केवल असम तक सीमित नहीं रहेगी। इसे नवंबर महीने में ही प्रदेश कांग्रेस की तरफ से नई दिल्ली में भी लड़ा जाएगा। इम आंदोलन के प्रमुख मुद्दों के रूप में नुमलीगढ़ रिफाईनरी के निजीकरण, चाय जनजाति के जनजातिकरण, विशेष राज्य के दर्जे और विशेष आर्थिक पैकेज जैसे अहम बिंदु शामिल रहेंगे।
नुमलीगढ़ रिफाइनरी के निजीकरण को लेकर रावत काफी आक्रमक दिखे। सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे ज्यादा लाभदायी कंपनी बताते हुए पूछा कि कोई कैसे इसके निजीकरण की बात सोच सकता है। राज्य के लोगों को केंद्र की यह चेष्टा स्वीकार नहीं करनी चाहिए। यह तो असम समझौते से धोखेबाजी है।