मणिपुर कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि पार्टी उन 6 विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी जो भाजपा में शामिल हो गए। मणिपुर कांग्रेस के उपाध्यक्ष और प्रवक्ता के.जॉयकिशन ने कहा कि जिन 6 विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिए बिना भाजपा ज्वाइन की वे उन्हें अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। 

जो विधायक कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं वे हैं टी.श्याम कुमार,जी.जोउ.वाई सुरचंद्र,एस.बिरा,ओ लुखोई और एन.हाओकिप। गौरतलब है कि यह मामला स्पीकर वाई.खेमचंद के पास लंबित है। इस कारण कांग्रेस कानूनी उपायों की शरण को लेकर मजबूर है। बकौल जॉय किशन, हम स्पीकर के इस बयान से खुश नहीं है कि मामले की जांच चल रही है। जब मुख्यमंत्री एन.बिरेन सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तो उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था। बिरेन सिंह लंबे समय तक उपाध्यक्ष,प्रवक्ता और मंत्री रहे। 

6 विधायकों को भी भाजपा में शामिल होने से पहले विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देना चाहिए था। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अपमान है,जो कहते हैं कि संविधान उनके लिए धर्म है। पार्टी छोडऩे वाले 6 विधायकों ने संविधान के दसवें शेड्यूल के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। कांग्रेस का मानना है कि विधायकों की खरीद फरोख्त भ्रष्टाचार का सबसे ऊंचा तरीका है। हमारा मत है कि 6 विधायकों ने कई प्रलोभन के कारण भाजपा ज्वाइन की है। जॉयकिशन ने कहा कि कांग्रेस मणिपुर डेवलपमेंट सोसायटी के मामले की सीबीआई से जांच कराने के फैसले का स्वागत करती है। उन्होंने कहा कि लोकसभा व विधानसभा चुनावों में फायदा उठाने के लिए भाजपा ने लोकटक लेक स्कैम का इस्तेमाल किया। अभी तक इसको लेकर कुछ नहीं किया है।