कांग्रेस की सांगठनिक स्थिति को मजबूत करने के लिए दो दिवसीय तिनसुकिया जिले के दौरे पर असम के प्रभारी हरीश रावत की मौजूदगी में बुधवार को एक पत्रकार सम्मेलन करवाया गया। इस सभा में हरीश रावत के अलावा विपक्षी नेता देवव्रत सैकिया समेत कांग्रेस के कर्इ नेता मौजूद थे। असम प्रदेश कांग्रेस के द्वारा आयोजित इस पत्रकार सम्मेलन में हरीश रावत ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के साढ़े चार साल बीत जाने के बाद अभी भी मोदी सरकार चुनाव आैर वादों के मूड में दिख रही है जबकि जमीनी स्तर पर कोर्इ काम नहीं हुआ है। वहीं भ्रष्टाचार से शून्य सहनशीलता की बात करने वाली मोदी सरकार के ऊपर राफेल सौदे को लेकर हमला करते हुए रावत ने मोदी सरकार पर सबसे बड़ा घोटाला किए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि मोदी सरकार के खिलाफ हिसाब दो जवाब के तर्ज पर अभियान चलाया जाएगा। साथ ही राफेल सौदे में हुए घोटाले को भी लोगों तक पहुंचाने का काम भी कांग्रेस करेगी।

रावत ने बताया कि हम लोगों काे बताएंगे कि भ्रष्टाचार से लड़ने की बात करने वाली मोदी सरकार द्वारा किए गए सौदे से तीन गुना ज्यादा दाम देकर यह राफेल सौदा मोदी  सरकार के द्वारा किया गया था। इसके अलावा रावत ने आरोप लगाया है कि असम एनआरसी को लेकर मोदी सरकार राजनीति कर रही है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के द्वारा राज्यसभा में एनआरसी के अंतिम मसौदे में झूठे 40 लाख लोगों को विदेशी बताए जाने के बयान की निंदा की है आैर इसे मूलभूत मुद्दे से भटकाने की सोची समझी रणनीति करार दिया है।

इस पत्रकार सम्मेलन के दौरान रावत ने असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल पर भी निशाना साधा है आैर कहा है कि जब असम में भाजपा की सरकार बनी है तो पीएम मोदी ने कहा था कि असम में डबल इंजन की सरकार बनी है आैर अब से राज्य में उन्नति ही उन्नति होगी। लेकिन थोड़े समय के बाद असम को मिलने वाले स्पेशल स्टेट को भी खत्म कर दिया गया। जिसका परिणाम असम की जनता को भुगतना पड़ा।

असम के विकास की गति रूक गर्इ है। असम के सड़काें की व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। इतना सब कुछ होने के बाद भी असम के मुख्यमंत्री चुप बैठे हुए है। वहीं चाय बागान के लोगों के लिए भी मोदी अौर साेनोवाल के द्वारा कुछ नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि चाय बागान के लो अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे है।