कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश होने से पहले पुलिस ने पार्टी मुख्यालय को जाने वाली सभी रास्तों को बंद कर दिया है और पेशी के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है। 

ये भी पढ़ेंः DM की गाय के लिए 7 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाने वाले मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी निलंबित


कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सरकार ने पार्टी मुख्यालय 24 अकबर रोड को जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर अघोषित आपातकाल लगा दिया है ताकि कांग्रेस कार्यकर्ता अपने नेता की पेशी के विरोध में सत्याग्रह न कर सके और धरना प्रदर्शन में शामिल नहीं हों। 

ये भी पढ़ेंः यूक्रेन के शहर सेवेरोदोनेत्स्क के करीब पहुंची रूसी सेना, संघर्ष तेज


उनका कहना था कि इस तरह के कदमों से कांग्रेस कार्यकर्ता बिना डरे और बिना झुके सरकार की नीतियों के खिलाफ सत्याग्रह करेंगे। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह मार्च शांतिप्रिय और गांधीवादी तरीके से निकलेगा और सभी सत्याग्रही प्रवर्तन निदेशालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे। सरकार के जुल्म के सामने पार्टी कार्यकर्ता ना डरेंगे, न पीछे हटेंगे और उसकी नीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ेगे, धरना देंगे और प्रदर्शन करेंगे। प्रवक्ता ने कहा कि 1937 में स्थापित नेशनल हेराल्ड अखबार संकट में था और कर्मचारियों का वेतन नहीं दे पा रहा था इसलिए पार्टी ने 2002 से 2011 तक 90 करोड़ रुपये देकर संस्थान को चलाने में मदद कर देश की विरासत को बचाने का काम किया है। इसी राशि से 67 करोड़ रुपए कर्मचारियों के वेतन तथा अन्य देनदारियों के रूप में उनको दिए गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी इस विरासत बचाने के लिए अडिग है और उसके इस कर्तव्य से उसे कोई झुका नहीं सकता है इसलिए पार्टी कार्यकर्ता सरकार के अन्याय के खिलाफ निरंतर लड़ाई लड़ेगे।