कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा आज पदयात्रा के दौरान अमेठी पहुंचे। राहुल गांधी ने इस दौरान एक बार फिर से हिंदू और हिंदुत्व का मामला उछाला। राहुल ने कहा कि गांधीजी ने कहा था कि हिंदू का रास्ता सत्याग्रह है, जबकि हिंदुत्ववादी का रास्ता सत्ताग्रह हैं। जो अन्याय के खिलाफ लड़ता है वो हिंदू है और जो हिंसा फैलाता है वो हो हिन्दुत्ववादी है।

अमेठी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि आज एक तरफ हिंदू हैं, जो सच्चाई की बात करते हैं। दूसरी तरफ हिंदुत्ववादी हैं, जो नफरत फैलाते हैं और सत्ता को छीनने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में आज हिंदू बनाम हिंदुत्ववादी के बीच में लड़ाई है।

इससे पहले राहुल गांधी ने कहा कि सरकार कृषि कानून किसानों के हित में लाई थी, लेकिन एक साल बाद पीएम ने इसे लेकर माफी मांगी। सरकार जो भी कानून लेकर आई, चाहे वह नोटबंदी हो, जीएसटी हो या किसान कानून इसका किसी को कोई लाभ नहीं हुआ। हम पूछते हैं कि क्या यह पूंजीपतियों के लिए लाए गए थे।

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि लद्दाख में चीन की सेना ने दिल्ली जितनी जमीन भारत से छीन ली है। लेकिन पीएम मोदी ने कुछ नहीं किया, न ही कुछ कहा। इस पर जब उनसे पूछा तो उन्होंने कहा कि किसी ने जमीन नहीं ली, लेकिन रक्षा मंत्रालय कहता है कि चीन ने जमीन ली है।

अमेठी में राहुल गांधी ने कहा कि देश में बेरोजगारी और महंगाई दो बड़े मुद्दे हैं। लेकिन सरकार इन दोनों सवालों पर कभी जवाब नहीं देती। कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री अकेले गंगा में स्नान कर रहे थे। लेकिन प्रधानमंत्री यह नहीं कह सकते कि देश में रोजगार क्यों नहीं पैदा हो रहा। युवाओं को रोजगार क्यों नहीं मिल रहा है। इतनी तेजी से महंगाई क्यों बढ़ती जा रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि प्रियंका गांधी ने मुझसे कहा कि मीटिंग करने के लिए लखनऊ जाना है, तो मैंने उनसे कहा कि सबसे पहले मैं घर जाना चाहता हूं। क्योंकि ये मेरा घर है। आप हमेशा मेरे साथ चले, आपने मुझे सियासत सिखाई। मैं आपका धन्यवाद करना चाहता हूं। इस दौरान राहुल ने कहा कि यह भाषण टीवी पर 30 सेकेंड तक चलेगा। लेकिन अगर ऐसा भाषण पीएम मोदी देंगे तो 6 महीने तक चलता रहेगा।