मोदी सरकार ने शुक्रवार को खेल के क्षेत्र में दिए जाने वाले देश के सर्वोच्च पुरस्कार का नाम बदलकर हॉकी के जादूगर कहे जाने वाले मेजर ध्यानचंद के नाम पर कर दिया। अबतक यह पुरस्कार 'राजीव गांधी खेल रत्न' के नाम से जाना जाता था। अब पीएम मोदी के इस दांव पर कांग्रेस को न खुलकर तारीफ ही करते बन रहा है, न आलोचना करते ही। पार्टी ने कहा है कि वह इस कदम का स्वागत करती है लेकिन पीएम मोदी अगर अपने राजनीतिक स्वार्थों के लिए ध्यानचंद का नाम न घसीटती तो अच्छा होता।

कांग्रेस ने ‘राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार’ का नाम ‘मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार’ किए जाने के फैसले का शुक्रवार को स्वागत किया और साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक उद्देश्यों के लिए महान हॉकी खिलाड़ी के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। पार्टी ने साथ में यह भी मांग की कि अब अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम और दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम का नाम भी बदला जाना चाहिए।

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी देश के नायक हैं और नायक रहेंगे। वह किसी पुरस्कार से नहीं, बल्कि अपनी शहादत, विचार और आधुनिक भारत के निर्माण के लिए जाने जाते हैं। सुरजेवाला ने कहा, ‘राजीव गांधी इस देश के लिए नायक थे, हैं और रहेंगे।’

सुरजेवाला ने कहा, ‘हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के प्रति सम्मान प्रकट करने का कांग्रेस स्वागत करती है। लेकिन नरेंद्र मोदी जी उनका नाम अपने छोटे राजनीतिक उद्देश्यों के नहीं घसीटते तो अच्छा होता। बहरहाल, हम मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल रत्न पुरस्कार का नाम रखने का स्वागत करते हैं।’

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘ओलिंपिक वर्ष में जब खेल का बजट घटा दिया गया तो नरेंद्र मोदी जी ध्यान भटकाने का काम कर रहे हैं। कभी किसानों की समस्या से तो कभी जासूसी के मामले से और कभी महंगाई से ध्यान भटका रहे हैं।’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘अब हमें उम्मीद है कि देश के खिलाड़ियों के नाम पर और स्टेडियम एवं योजनाओं का नाम रखा जाएगा। सबसे पहले नरेंद्र मोदी स्टेडियम का नाम बदल दीजिए, अरुण जेटली स्टेडियम का नाम बदल दीजिए, भाजपा नेताओं के नाम से निर्मित स्टेडियम के नाम बदल दीजिए। अब पीटी ऊषा, मिल्खा सिंह, मेरीकॉम, सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, अभिनव बिंद्रा, लिएंडर पेस, पुलेला गोपीचंद और सानिया मिर्जा के नाम पर स्टेडियम के नाम रखिए।’

सुरजेवाला ने दावा किया, ‘मोदी जी बड़ी लकीर खींचना नहीं जानते। वह दूसरों की लकीर मिटाना चाहते हैं।’ दरअसल, भारत के सर्वोच्च खेल सम्मान खेल रत्न पुरस्कार का नाम अब राजीव गांधी खेल रत्न नहीं बल्कि मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को यह घोषणा की।