बेंगलुरु। कर्नाटक में विधानसभा (Karnataka Assembly) की तरह विधान परिषद में भी सभी मंत्रियों और विधायकों को 'द कश्मीर फाइल' (The Kashmir File) फिल्म दिखाने की व्यवस्था करने की घोषणा की विपक्षी कांग्रेस ने पूरजोर विरोध किया। विधान सभा सदन में विधानसभाध्यक्ष विश्ववेश्वर हेगड़े कागेरी ने मंगलवार को इस फिल्म को देखने के लिए सारे मंत्रियों तथा विधायकों को सदन की ओर से आमंत्रित किया। 

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विधान परिषद में सभापति बसवराज होरात्ति ने भी सभी मंत्रियों और विधायकों को फिल्म देखने की व्यवस्था की घोषणा की। इस घोषणा पर विपक्ष कांग्रेस जमकर विरोध किया। परिषद् में विपक्ष के नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि दो फिल्में हैं - फरजाना और पानी। हमें कौन सी फिल्में देखनी चाहिए? कुछ ने घर में पोर्न देखा है। क्या हमें भी इसे देखना चाहिए? स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। क्यों? श्री हरिप्रसाद की बातों पर सहमति जताते हुए कांग्रेस के सलीम अहमद, ने पूछा कि, सत्र के बीच में सरकार यह सिनेमा क्यों दिखाने जा रही है? 

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बजट चर्चा के बाद सिनेमा क्यों नहीं देख सकते? तब मंत्री एस.टी .सोमशेखर ने कहा कि, जिन्हें सिनेमा देखनी है, वे कहें कि उन्हें देखना है या नहीं। किसी से भी जबरदस्ती नहीं की जा रही है। सिनेमा के मुद्दे ने कांग्रेस और भाजपा सदस्यों के बीच विवाद को जन्म दिया है। बाद में, कांग्रेस हाउस में की गई घोषणा को वापस लिये जाने की मांग की।