कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारक संस्था कार्यसमिति की बैठक आरंभ हो गई है लेकिन असंतुष्ठ गुट के नए अध्यक्ष के लिए मुकुल वासनिक के नाम का प्रस्ताव करने और आलाकमान के उसे खारिज करने से साफ हो गया है कि बैठक हंगामेदार होगी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समर्थक और विरोधियों के बीच जमकर टकराव होगा। 

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद पहली बार हो रही इस बैठक में पार्टी में चुनाव में हार के कारणों के साथ ही आगे की रणनीति पर ङ्क्षचतन होना है। इसने नेतृत्व परिवर्तन की बात भी उठ सकती है क्योंकि बैठक से पहले आए प्रस्ताव से लगता है कि बैठक में जबरदस्त हंगामा तय है। 

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असंतुष्ठ गुट लगातार नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहा है और इसीलिए उसने बैठक से पहले महासचिव मुकुल वासनिक का नाम आगे कर प्रस्ताव आलाकमान को भेजा है और जिस तरह उसे नकारा गया है उससे साफ है कि दोनों पक्षों के तेवर तीखे है। पार्टी के एक नेता ने बताया कि पहली बार सीडब्ल्यूसी के सदस्यों को बैठक में मोबाइल नहीं लाने का फरमान जारी किया है और इस संदर्भ में सभी को संदेश भेजा है। 

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पार्टी चाहती है कि बैठक के दौरान कोई भी बात बाहर नहीं आये। ऐसा फरमान पार्टी ने सीडब्ल्यूसी बैठक में आने वाले नेताओ के लिए पहली बार जारी किया है। बताया जा रहा है कि इस बैठक में 57 नेता शामिल हो रहे है। बैठक से पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि पार्टी नेता राहुल गांधी को फिर से अध्यक्ष की कमान सौंपी जानी चाहिए लेकिन असंतुष्ट नेताओं का कहना है कि वह मनमाने फैसले लेते हैं और किसी से सलाह मशविरा किए बिना लिए जाने वाले निर्णयों की वजह से पार्टी कमजोर हो रही है। यह समूह लगातार कांग्रेस नेतृत्व में परिवर्तन की मांग कर रहा है।