खासी हिल्स स्वायत्त जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी सदस्य तेइनवेल ड्खार नाराज एमडीसी को मनाकर स्थिति को सामान्य करने में लगे हुए हैं। उनकी कोशिश है कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक एलायंस बैनर तले पुनः कार्यकारी समिति कार्य करना शुरू कर दे। यूडीए में यूडीपी, एचएसपीडीपी, एनपीपी और निर्दलीय एमडीसी शामिल हैं। लेकिन छह एमडीसी ने मौजूदा सीईएम से खफा होकर अपना समर्थन वापस ले लिया है। जिस वजह से ईसी अल्पमत में आ गई है।


वहीं परिषद में 29 में से 10 एमडीसी के साथ विपक्ष में बैठी कांग्रेस इस पूरे मामले पर अपनी नजर रख रही है। कांग्रेस एमडीसी रोनी वी लिंग्दोह ने कहा कि जो पार्टी विपक्ष में है, वह इंतजार करेगी और देखेगी कि आने वाले दिनों में स्थिति कैसी होगी। सूत्रों के मुताबिक एनपीपी और यूडीपी दोनों एक स्थिर कार्यकारी समिति प्रदान करने के लिए कांग्रेस से संपर्क कर सकते हैं।


इधर एनपीपी के प्रदेश अध्यक्ष डब्लयूआर खारलुखी ने भरोसा जताया कि जल्द ही मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा और एमडीसी इस मामले पर चर्चा होगी। पिछले हफ्ते कांग्रेस के एमडीसी ने मुख्य कार्यकारी सदस्य से अनुरोध किया था कि प्रति एमडीसी के लिए वह अनुदान को बढ़ाकर  50 लाख रुपए से 1.5 करोड़ रुपए कर दें। कांग्रेस के एमडीसी ने विशेष सहायता योजना के तहत केंद्र द्वारा प्रदान किए गए अनुदान के बारे में ड्खार को एक पत्र प्रस्तुत किया था।