असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के एक कार्यक्रम में सुरक्षाकर्मियों के निर्देश पर एक बच्चे की ब्लैक जैकेट उतरवाने का मामला गरमा गया है। घटना के विरोध में विपक्षी कांग्रेस के विधायक बुधवार को काले बिल्ले लगाकर विधानसभा में आए। इस मामले पर चर्चा के लिए दिया गया कार्यस्थगल प्रस्ताव स्पीकर ने खारिज कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉक आउट किया। 

मंगलवार सुबह बिश्वनाथ जिले में मुख्यमंत्री सोनोवाल के कार्यक्रम में भाग लेने आई मां और बच्चे का वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें मां अपने रोते हुए बच्चे की जैकेट उतार रही है। घटना की चौतरफा आलोचना के बाद मुख्यमंत्री ने मामले की पुलिस जांच के आदेश दिए। कांग्रेस और एआईयूडीएफ के ज्यादातर सदस्यों ने काले कपड़े भी पहन रखे थे और उन्होंने मंगलवार की घटना को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया। 

गौरतलब है कि मंगलवार को सोनोवाल की एक रैली के दौरान तैनात अति उत्साही पुलिस के जवानों ने काला जैकेट पहने एक बच्चे को रैली में जाने से रोक दिया। विश्वनाथ में आयोजित मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम का यह घटनाक्रम विभिन्न टेलीविजन चैनलों पर दिखाया गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में एक महिला को अपने बच्चे की काली गर्म जैकेट को बदलते हुए दिखाया गया है और वह उसे एक हल्की शर्ट पहना रही है बच्चा ठंड से परेशान है और चिल्ला रहा है।

 

जब उस महिला यह पूछा गया कि उसने ड्रेस क्यों बदली, महिला ने बताया कि सुरक्षाकर्मी ने काली ड्रेस के कारण उसे कार्यक्रम में प्रवेश नहीं करने दे रहे थे जिसके कारण उसे जैकेट निकालना पड़ा। रैली में भाग लेने वाले युवकों को भी अपनी ड्रेस के रंग की जांच करानी पड़ रही थी।

 

पुलिस काली जैकट या किसी भी तरह के काले कपड़े पहनने व्यक्ति को रैली में नहीं जाने की चेतावनी जारी कर रही थी। काले कपड़ो के विरुद्ध यह अभियान मुख्यमंत्री को सार्वजनिक समारोहों में काले झंडे दिखाए जाने से बचाने के लिए किया गया था।

ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और अन्य संगठनों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में भारतीय जनता पार्टी और इसके शीर्ष नेताओं के साथ-साथ केंद्रीय मंत्रियों तथा मुख्यमंत्री के कई कार्यक्रमों के दौरान काले झंडे दिखाये हैं।