पेगासस (Pegasus Deal) पर एक अंतर्राष्ट्रीय प्रकाशन में नए खुलासे के बाद मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। कांग्रेस के लोकसभा सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने अपने ट्वीट में कहा कि मोदी सरकार ने देशद्रोह किया है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, मोदी सरकार ने हमारे लोकतंत्र की प्राथमिक संस्थाओं, राज नेताओं व जनता की जासूसी करने के लिए पेगासस खरीदा था। फोन टैप करके सत्ता पक्ष, विपक्ष, सेना, न्यायपालिका सब को निशाना बनाया है। ये देशद्रोह है। मोदी सरकार ने देशद्रोह किया है।

इस बीच राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला (Randeep Singh Surjewala) ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए संयुक्त रूप से कहा कि जासूसी एक ‘देशद्रोह का कार्य’ है। उन्होंने कहा,  मोदी सरकार इजरायली निगरानी स्पाइवेयर पेगासस (surveillance spyware pegasus) के माध्यम से अवैध और असंवैधानिक जासूसी रैकेट की तैनाती और निष्पादक है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) स्वयं इसमें शामिल हैं। सुरजेवाला ने कहा, मोदी सरकार ने 2017 में पेगासस स्पाइवेयर और अन्य सैन्य प्रौद्योगिकी को पीएम मोदी की यात्रा के दौरान इजरायल से लगभग 2 बिलियन डॉलर के हथियार और खुफिया गियर सहित एक पैकेज के ‘केंद्रबिंदु’ के रूप में खरीदा था। यह कोई संयोग नहीं है कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) का एनएसए को रिपोर्ट करने वाला बजट 2017-18 में 33 करोड़ रुपये से बढक़र 333 करोड़ रुपये हो गया।

उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और उनके स्टाफ सदस्यों की जासूसी करने के लिए पेगासस स्पाइवेयर तैनात किया। पूर्व पीएम देवेगौड़ा, पूर्व मुख्यमंत्री - सिद्धारमैया और कुमारस्वामी, भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, भाजपा कैबिनेट मंत्री, प्रह्लाद सिंह पटेल, उनकी पत्नी और कर्मचारी, वर्तमान आईटी मंत्री, अश्विनी वैष्णव और उनकी पत्नी, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी (Union Minister Smriti Irani) के ओएसडी, अभिषेक बनर्जी, सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे, प्रवीण तोगडिय़ा, विहिप के पूर्व प्रमुख व अन्य के खिलाफ इसका इस्तेमाल किया गया। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इतना ही नहीं, पेगासस स्पाइवेयर लक्ष्य सूची में सर्वो‘च न्यायालय के न्यायाधीश भी शामिल हैं।