प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को चुनावी रैली में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पीएम ने कांग्रेस पर पैसे देकर मणिपुर बंद का आरोप लगाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की सरकार जानबूझकर यहां विवाद खड़ा कर रही है। कांग्रेस चुनाव जीतने के लिए बंद समर्थकों से मिल गई है। राज्य की 60 विधानसभा सीटों के लिए 4 और 8 मार्च को दो चरणों में मतदान होगा। प्रधानमंत्री के दौरे से पहले मणिपुर के 6 उग्रवादी समूहों की समन्वय समिति ने बंद का आह्वान किया। बंद के दौरान लोगों से घरों से बाहर नहीं निकलने को कहा गया है। हालांकि इस दौरान मीडिया और अति आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है। उग्रवादी संगठनों की समन्वय समिति ने एक बयान में कहा कि केन्द्र सरकार उन समुदायों को आपस में लड़ाने की साजिश कर रही है जो शांति व सौहार्द के साथ पीढिय़ों से रह रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यहां कांग्रेस ने राजनीति के लिए भाई को भाई से लड़वाने का काम किया है। नगाओं के साथ हुई संधि की बात की जा रही है। मेरा सवाल है कि डेढ़ साल से सोए हुए थे क्या? अब चुनाव आया तो झूठ बोलकर विवाद फैला रहे हैं। मैं मणिपुर की जनता को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि नगाओं के साथ हुए समझौते में मणिपुर के खिलाफ एक भी बात नहीं है।

मणिपुर में बंद यहां की सरकार की विफलता का जीता जागता उदाहरण है। यहां बंद कर लोगों को परेशान कर रखा है। 11 तारीख को नतीजे आएंगे और 13 मार्च को हिंदुस्तान होली का उत्सव मनाएगा। भाजपा की सरकार बनेगी और बंद खत्म कर दिया जाएगा। प्रधानंमत्री ने कहा कि यहां पर्सेंट वाला सीएम चलता है। मणिपुर के लोगों को हर काम के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। अब यहां जीरो पर्सेंट वाला सीएम और सरकार चाहिए। आप एक बार भाजपा को यहां सेवा करने का अवसर दीजिए। उनको आपने 15 साल दिए हैं,हमें केवल 5 साल दीजिए।

मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि उन्होंने 15 साल में जो नहीं किया उसे 15 महीने में पूरा करेंगे। हमने अवसर देने की दिशा में काम किया है। पहले यहां सरकार के लोग नहीं आते थे। केन्द्र का मंत्री 90 बार नॉर्थ ईस्ट के राज्यों में आया। जिलों तक गया। भारत सरकार की योजनाओं का हिसाब लेने का काम किया। पहले कोई आता नहीं था। यहां के लोगों को जाना पड़ता था। 40 साल के दौरान एनईसी की मीटिंग में आने वाला पहला पीएम हूं। हमने दिल्ली की पुलिस में खासतौर से नॉर्थ ईस्ट में रहने वाले नौजवानों को रोजगार देने का प्रबंध किया।