मेघालय में कांग्रेस के  विधायक मार्टिन डांगो ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही कांग्रेस ने मेघालय में सबसे बड़ी पार्टी होने का दर्जा खो दिया है। 

मार्टिन डांगो के इस्तीफे के बाद कांग्रेस की ताकत गिर कर 20 की रह गई जो सत्तारूढ़ नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के बराबर है. एनपीपी इस पूर्वोत्तर राज्य में भाजपा और कुछ अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिल कर गठबंधन सरकार चला रही है।  डांगो ने गुरुवार देर रात अपना इस्तीफा विधानसभा अध्यक्ष डोनकुपर राय की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष टिमोथी डी शिरा को सौंपा। 

उन्होंने अपने त्यागपत्र में लिखा, ‘मैं 21 जून 2018 के प्रभाव से रानीकोर (अनु जज) विधानसभा क्षेत्र से विधानसभा में अपनी सीट से इस्तीफा देता हूं.’ डांगो ने राज्य कांग्रेस अध्यक्ष को विधायक पद और साथ ही पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के अपने फैसले के बारे में बताया।

उनके निकट सूत्रों ने बताया कि दक्षिण पश्चिम खासी हिल्स जिले के रानीकोर से विधानसभा में पांच बार कांग्रेस का प्रतिनिधित्व कर चुके डांगो सत्तारूढ़ एनपीपी में शामिल हो सकते हैं ।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को भेजे गए पत्र में डांगो ने लिखा, अपने लोगों की इच्छा के अनुसार मैंने 21 जून 2018 से विधायक के रूप में इस्तीफा सौंप दिया है. मुझे दुख और पश्चाताप है कि मैं कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं. मैं पार्टी में जिन जिम्मेदारियों को निभा रहा था उससे भी खुद को मुक्त कर रहा हूं।