ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति की मुलाकात के बाद कांग्रेस ने सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े करते हुए शुक्रवार को कहा कि भारतीय प्रधानमंत्री चीन के समक्ष डोकलाम का मुद्दा उठाना एक बार फिर भूल गए। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह भी कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि आखिर प्रधानमंत्री चीन को ‘56 इंच का सीना’ और ‘लाल आंखें’ कब दिखाएंगे?

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘अमेरिका की कांग्रेशनल कमेटी में बकायदा ये बयान दिया गया कि डोकलाम में चीन ने अपनी बढ़त बना ली है और वो हर रोज और ज्यादा सैन्य सामग्री पहुंचा रहा है और सैन्य ढांचे का निर्माण कर रहा है। ये राष्ट्रीय सुरक्षा को सीधे-सीधे चुनौती भी है और खतरा भी।’

सुरजेवाला ने कहा, ‘गूगल अर्थ से आई तस्वीरों से स्पष्ट है कि चीन ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर तक सड़क बना ली है। प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री ने उसके बारे में कुछ भी कहना उचित नहीं समझा। कटु सत्य यह है कि 56 ईंच की छाती वाले और चीन से लाल आंख दिखा कर बात करने का वादा करने वाले मोदी जी देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के बारे में पूरी तौर से चुप्पी साधे बैठे हैं।’

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘सच्चाई यह है कि चीन को लाल आंख दिखाने की बात करने वाले मोदी जी प्रधानमंत्री बनकर चीन के राष्ट्रपति को झूला तो झुलाते हैं, एजेंडा विहीन यात्रा पर चीन जाते हैं और देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे डोकलाम को उठाना भूल जाते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री ने चीन के राष्ट्रपति से फिर बातचीत की, लेकिन डोकलाम की बात करना फिर भूल गए। यह सरकार 56 ईंच का सीना और लाल आंख कब दिखाएगी? यह 132 करोड़ लोग जानना चाहते हैं।‘

पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को ब्रिक्स सम्मेलन से इतर मिले और इस बात पर राजी हुए कि उनकी हालिया बैठकों से दोनों देशों के संबंधों में बनी गति को कायम रखने के लिए चीन के रक्षा मंत्री अगले महीने भारत का दौरा करेंगे।

मोदी ने शी से पिछले करीब तीन महीने में तीसरी बार गुरुवार शाम मुलाकात की। इससे पहले अप्रैल के अंत में चीनी शहर वुआन में उनकी दो दिवसीय अनौपचारिक बैठक हुई थी और जून में चीन के चिंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एसएसीओ) सम्मेलन से इतर उनकी एक द्विपक्षीय बैठक हुई थी।