पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले घर को दुरुस्त करने में जुटी कांग्रेस जल्द कोई रास्ता निकाल सकती है। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू दोनों के लिए सम्मानजनक फामूर्ले पर पहुंच गई है। इस फामूर्ले का जल्द ऐलान कर दिया जाएगा।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि कैप्टन को समझाने की कोशिश जारी है। पर मुख्यमंत्री के रवैये और चुनावी वादों को पूरा नहीं करने से पार्टी नेतृत्व नाराज है। सूत्रों का कहना है कि सत्ता विरोधी लहर पर अंकुश लगाने के लिए राज्य मंत्रिमंडल में जल्द फेरबदल किया जा सकता है।

इसके साथ पार्टी प्रदेश कांग्रेस में भी बदलाव की तैयारी कर रही है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि कैप्टन को दो सौ यूनिट फ्री बिजली के वादे को पूरा करने का ऐलान करने की हिदायत दी गई थी, पर उन्होंने एसा नहीं किया। जबकि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने फ्री बिजली देने की घोषणा कर दी है।

पार्टी का कहना है कि नवजोत सिंह सिद्धू की कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद साफ है कि उन्हें अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कैप्टन अभी तक सिद्धू को कोई जिम्मेदारी देने का विरोध करते रहे हैं। इसके बावजूद पार्टी अगले सप्ताह फामूर्ले का ऐलान कर सकती है।

कांग्रेस सूत्रों का मानना है कि जल्द ही सोनिया गांधी की ओर से पंजाब को लेकर बड़े ऐलान किए जा सकते हैं। राज्य के प्रभारी के तौर पर काम कर रहे हरीश रावत को भी हटाया जा सकता है। इसकी वजह उत्तराखंड में भी अगले साल होने वाले चुनाव हैं। इस राज्य के वह सीएम रह चुके हैं और अब भी कांग्रेस पार्टी का राज्य में बड़ा चेहरा हैं। उनकी जगह पर जेपी अग्रवाल को पंजाब के प्रभारी की जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि अभी प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी है। इस पद के लिए नवजोत सिंह सिद्धू भी बैटिंग कर रहे हैं। कहा यह भी जा रहा है कि उन्होंने डिप्टी सीएम के पद का ऑफर भी खारिज कर दिया है और इस पद पर अड़े हैं।