एनपीपी के अध्यक्ष और तुरा से सांसद कोनराड संगमा का कहना है कि मेघालय में सत्तारुढ़ कांग्रेस का कॉन्फिडेंस लेवल निश्चित रूप से कम है। पार्टी के कई वरिष्ठ पार्टी नेताओं के 2018 की रेस से बाहर होने के बाद कांग्रेस का आत्मविश्वास कम हुआ है। इससे लगता है कि हतोत्साहित कांग्रेस ने अपनी हार स्वीकार कर ली है। आपको बता दें कि राज्य में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। संगमा ने कहा कि जब उनके वरिष्ठ नेताओं को विश्वास नहीं है तो आम लोगों का उनमें कैसे विश्वास होगा। कांग्रेस नेताओं के एनपीपी में शामिल होने पर तुरा से सांसद ने कहा कि फैसला उन पर निर्भर करता है क्योंकि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है और वे उचित वक्त पर पार्टी में शामिल होंगे।
संगमा ने खुलासा किया कि उनकी पार्टी पहले ही चुनाव के लिए जमीनी काम शुरू कर चुकी है। बकौल संगमा, हम विधानसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की तीसरी सूची जारी करने से पहले निश्चित प्रक्रियाओं का पालन कर रहे हैं। आपको बता दें कि प्रेस्टोन टी, रॉवेल लिंगदोह और अन्य वरिष्ठ नेता पहले ही कांग्रेस छोड़कर एनपीपी में शामिल होने का फैसला कर चुके हैं। मेघालय में विधानसभा की कुल 60 सीटें हैं। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। पार्टी को 29 सीटें मिली थी। कांग्रेस ने एनसीपी व निर्दलीय विधायकों के साथ गठबंधन सरकार बनाई थी। मुख्य चुनाव आयुक्त(सीईसी) ए.के.ज्योति के नेतृत्व में चुनाव आयोग की टीम अगले सप्ताह मेघालय का दौरा करेगी। चुनाव आयोग की टीम विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेगी।
चुनाव आयोग की टीम में मुख्य चुनाव आयुक्त ए.के.ज्योति,  चुनाव आयुक्त ओम प्रकाश रावत और सुनील अरोड़ा व उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन व चुनाव आयोग के अन्य अधिकारी शामिल होंगे। ये टीम 28 नवंबर को नागालैंड से त्रिपुरा पहुंचेगी। त्रिपुरा के बाद चुनाव आयोग की टीम शायद मेघालय का दौरा करेगी। दौरे के दौरान चुनाव आयोग पुलिस,जिला व राज्य चुनाव अधिकारियों व विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठकें करेगी। मेघालय विधानसभा का कार्यकाल 6 मार्च को समाप्त हो रहा है। उप चुनाव आयुक्त सुदीप जैन के नेतृत्व में चुनाव आयोग की चार सदस्यीय टीम ने पिछले सप्ताह मेघालय का दौरा किया था।

चुनाव आयोग की टीम ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठकें की थी। साथ ही उन्हें आगामी विधानसभा चुनावों की सभी तैयारियां करने को कहा था। चुनाव आयोग ने 13 नवंबर को नई दिल्ली में त्रिपुरा, मेघालय व नागालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान इन राज्यों में फरवरी 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियों का जायजा लिया था।