मणिपुर में कांग्रेस के 12  विधायकों ने पार्टी की प्रदेश इकाई के पदों से इस्तीफा दे दिया हैं जिससे उनके सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, उनमें से कांग्रेस के एक वरिष्ठ विधायकों ने गुरुवार को कहा कि उनकी मंशा किसी अन्या पार्टी में शामिल होने की नहीं है। इस पूर्वोत्तर राज्य की दोनों लोकसभा सीट हारने के बाद विधायकों ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) से बुधवार को इस्तीफा दे दिया।

आंतरिक मणिपुर सीट पर जहां भाजपा के राजकुमार रंजन सिंह को जीत मिली वहीं बाह्म मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के लोरहो एस. फोजे के हिस्से आई। इन इस्तीफों के बाद अटकलें तेज हो गईं कि क्या कांग्रेस विधायकों भाजपा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, लेकिन कुछ ने इसे यह कह कर खारिज किया कि उनका कदम जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए हैं। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के नेतृत्व में राज्य में भाजपा गठबंधन की सरकार चला रही है।
कांग्रेस के इन 12  विधायकों ने प्रदेश कांग्रेस  कमेटी के अध्यक्ष गैखनगम को अपना इस्तीफा सौंपा, जो कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के भी सदस्य है। राज्य में 2017 के विधानसभा चुनावों  के बाद कांग्रेस के 29 विधायकों थे लेकिन उसके आठ विधायक पिछले साल भाजपा में शामिल  हो गए थे जिससे 60 सदस्यीय सदन में भगवा पार्टी के विधायकों को संख्या 21 से बढ़कर 29 हो गई थी।