झारखंड के पलामू जिले में डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र के चैनपुर के पांच बूथों पर पुर्नमतदान की मांग पड़ अड़े कांग्रेस प्रत्याशी केएन त्रिपाठी का अपने समर्थकों के साथ धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा। समाहरणालय के द्वारा पर त्रिपाठी एवं उनके समर्थकों के धरने को 24 घंटे बीत जाने के बाद भी मामले में प्रशासन के साथ साकारात्मक वार्ता नहीं हो पायी है। इस दौरान जिले के पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा द्वारा पुलिस उपाधीक्षक को भेजकर त्रिपाठी को मनवाने का प्रयास किया गया, लेकिन वार्ता असफल रही। 

कांग्रेसी प्रत्याशी त्रिपाठी ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त डॉ. शांतनु कुमार अग्रहरि पर झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास के प्रभाव में आकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदान के दिन कोशियारा के जिन बूथों पर भाजपा प्रत्याशी के जाति के समर्थकों द्वारा उन्हें जाने से रोका गया और उनके साथ मारपीट तथा अभद्र व्यवहार किया गया, उन बूथों पर सुरक्षा के कोई उपाय नहीं किये गये थे। त्रिपाठी ने सवालिया लहजे में कहा कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने डाल्टनगंज विधानसभा क्षेत्र के 400 से भी अधिक बूथों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाये थे। लेकिन, कोशियारा गांव के मतदान केन्द्रों पर आखिर किस मंशा के तहत कैमरे नहीं लगवाए गए थे। 

कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि मतदान केंद्रों पर प्रतिनियुक्त सरकारी वीडियो कैमरामैन का वीडियो कैमरा छीन लिया गया। इस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी। उन्होंने कहा कि वे 22 नवंबर 2019 को ही जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवं राज्य निर्वाचन पदाधिकारी समेत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पत्र लिखकर उपरोक्त क्षेत्र के 14 मतदान केन्द्रों पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को तैनात कराने की मांग कर चुके है, लेकिन इस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। त्रिपाठी ने कहा, मैंने पत्र लिखकर बताया था कि पथरा इलाके में आठ गांव के 14 मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील हैं। यहां बूथ लूट की जाती है या बोगस वोटिंग कराई जाती है। मैंने बताया था कि वर्ष 2009 में सीआरपीएफ की टुकड़ी तैनात थी तो 65 प्रतिशत मतदान हुआ था, लेकिन वर्ष 2014 के चुनाव में सुरक्षा बलों को हटा लिये जाने के कारण बूथ लूट एवं बोगस वोटिंग से 80 से 99 प्रतिशत तक मतदान करा दिया गया था।

 कांग्रेस प्रत्याशी ने कहा कि वे पहले से ही इन बूथों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये जाने का मांग करते रहे थे, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गयी। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट हो गया है कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने खास दल के प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने का पूरा प्रयास किया है। त्रिपाठी ने कहा कि वह चुनाव आयोग से दूसरे जिला निर्वाचन पदाधिकारी की नियुक्ति कर इन बूथों पर पुनर्मतदान तथा मतगणनाा कराए जाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बूथ पर मतदाता एवं प्रत्याशी की सुरक्षा की जिम्मेवारी जिला प्रशासन की है, लेकिन जब वह बूथ पर पहुंचे तो वहां सुरक्षा के कोई इंतेजाम नहीं थे। नतीजा भाजपा प्रत्याशी के सैकड़ों समर्थकों ने हमला कर उनके वाहन को क्षतिग्रस्त किया। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी तबतक धरना जारी रहेगा। गौरतलब है कि झारखंड में प्रथम चरण के तहत 13 विधानसभा सीटों चतरा (सुरक्षित), गुमला (सु), बिशुनपुर (सु), लोहरदगा (सु), मणिका (सु), लातेहार (सु), पांकी, डालटनगंज, बिश्रामपुर, छत्तरपुर (सु), हुसैनाबाद, गढ़वा और भवनाथपुर के लिए शनिवार को मतदान कराया गया। इस दौरान कोशियारा के एक बूथ पर त्रिपाठी और भाजपा प्रत्याशी आलोक चौरसिया के समर्थकों के बीच झड़प हो गई थी। हालांकि त्रिपाठी के पिस्तौल लहराने का मामला भी प्रकाश में आया। बाद में उनका हथियार जब्त कर लिया गया।

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