मेघालय विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हुआ। सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के समय विपक्षी कांग्रेस ने हंगामा करते हुए सदन का बहिष्कार किया। राज्यपाल तथागत राय के एक ट्विट को लेकर विधानसभा में उनके संबोधन का विपक्ष ने बहिष्कार किया। गत दिनों राय ने अपने ट्वीट में पुलवामा आतंकी हमले के बाद हर कश्मीरी वस्तु का बहिष्कार करने का समर्थन किया था।

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डाॅ. मुकुल एम संगमा ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा इस तरह का ट्वीट लोगों में गलत संदेश फैलाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राज्यपाल की आलोचना करनी चाहिए तथा राष्ट्रहित में उन्हें पद से हटा देना चाहिए। राय ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद ट्वीट किया था कि भारतीय सेना के एक सेवानिवृत्त कर्नल की अपील थी कि कश्मीर मत जाइए, अगले दो वर्ष अमरनाथ यात्रा पर मत जाइए। कश्मीर एम्पोरिया या हर सर्दियों में आने वाले कश्मीरी कारोबारियों से सामान मत खरीदिए। हर कश्मीरी वस्तु का बहिष्कार करिए। मुकुल संगमा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को राज्यपाल की आलोचना करनी चाहिए थी। उन्हें राष्ट्रहित में उनके पद से हटाया जाना चाहिए था।

बजट सत्र के पहले दिन अपने संबोधन में राय ने पुलवामा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए हमले पर चिंता जताई और इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि हम शहीद जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हालांकि राय ने बीते एक वर्ष में इनर लाइन परमिट, असम के साथ सीमा विवाद और प्रवेश-निकास बिंदु स्थापित करने जैसे मुद्दों पर असरदार तरीके से निपटने पर राज्य प्रशासन और मेघालय पुलिस की प्रशंसा भी की। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था सुधरी है और शांति का माहौल है।


राज्यपाल ने सरकार से बांग्लादेश के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर शेष बाड़त लगाने के काम को जल्द पूरा करने को भी कहा। इस बीच उन्होंने कहा कि मेघालय भी साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए सीआईडी के प्रशासनिक नियंत्रण और प्रबंधन के तहत एक साइबर अपराध विंग बनाया है। राय ने यह कहा कि राज्य पुलिस सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु बदलती परिस्थितियों के अनुकूल ही सतर्कता बरतती रहेगी और उचित कदम उठाएगी।