असम के पूर्व उद्योग मंत्री और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष प्रद्युत बोरदोलोई ने सोमवार को कहा कि अगर प्रस्तावित नगालिम का गठन फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के आधार पर हुआ तो असम को बड़ा इलाका खोना पड़ेगा। बकौल बोरदोलोई, एनएससीएन(आई-एम) ने हाल ही में एक बयान में कहा था कि फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के मुताबिक जल्द ही नगालिम का गठन होगा लेकिन हम नगालिम के लिए असम की जमीन देने की अनुमति नहीं देंगे। यह असम के लोगों का अधिकार है कि उन्हें एग्रीमेंट के बारे में जानकारी हो। एग्रीमेंट के खुलासे के लिए असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कोई कदम नहीं उठाया है।

केन्द्र और एनएससीएन(आई-एम) ने सितंबर 2015 में नई दिल्ली में फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए थे। स्टेट बीजेपी यूनिट के प्रवक्ता रुपम गोस्वामी ने कहा कि अगर कांग्रेस के पास नगालिम एग्रीमेंट का ब्योरा है तो उसे इसका खुलासा करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि नागालैंड को असम की एक इंच जमीन नहीं दी जाएगी लेकिन कांग्रेस यह कहकर लोगों को गुमराह कर रही है कि राज्य की जमीन नागालैंड को दे दी जाएगी। उनके पास हमारी सरकार की आलोचना के लिए कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वे राजनीतिक लाभ के लिए सरकार को अस्थिर करने के वास्ते लोगों को गुमराह कर रहे हैं। अगर कांग्रेस ने एग्रीमेंट की डिटेल्स का खुलासा नहीं किया तो राज्य के लोग उन पर भरोसा नहीं करेंगे।

कांग्रेस ने शनिवार को नागालैंड की सीमा से लगने वाले गोलाघाट जिले के मेरापानी में एक जनसभा आयोजित की थी। यह जनसभा फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के विरोध में की थी। बोरदोलोई ने कहा, जनसभा में करीब 20 हजार लोगों के हिस्सा लेने से यह प्रदर्शित होता है कि लोगों का भाजपा में भरोसा नहीं है। इस बीच असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने केन्द्र और एनएससीएन(आई-एम) के बीच नई दिल्ली में दो साल पहले हुई पीस डील की डिटेल्स को सार्वजनिक नहीं करने को लेकर सोनोवाल व प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला।

असम-नागालैंड सीमा से लगने वाले मरियानी विधानसभा क्षेत्र के सोतई में गोगोई ने एक जनसभा को  संबोधित किया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रिपुन बोरा, नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, कलियाबोर के सांसद गौरव गोगोई और मरियानी के विधायक रुपज्योति कुर्मी मौजूद थे। गोगोई ने कहा कि असम के क्षेत्र पर नगा अतिक्रमण के खिलाफ सोनोवाल कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। राज्य सरकार पूरी तरह से विफल है। गोगोई ने दोहराया कि  शांति समझौते के तहत कांग्रेस असम की एक इंच जमीन नागालैंड को नहीं देने देगी।