अगप पर राजनीतिक वार करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और वित्त मंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने किया है। चोट राज्य की दो बड़ी विपक्षी पार्टियों कांग्रेस और एआईयूडीएफ को लगी महसूस हो रही है। दोनों ने अगप के लिए इसे काफी अपमानजनक निरूपित करते हुए उसे भाजपा से नाता तोड़ लेने को उकसाया है।

पूर्व मुख्यमंत्री और राज्य के सबसे महत्वपूर्ण कांग्रेस के नेता तरुण गोगोई के मुताबिक यह तो क्षेत्रवादी राजनीति का बहुत बड़ा अपमान है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता हिमंत विश्व शर्मा ने जो कुछ भी कहा, अगप के लिए उससे बडा़ और कोई अपमान नहीं हो सकता। यदि उसमें जरा-सा भी आत्मसम्मान है तो उसे फौरन भाजपा से गठबंधन तोड़ लेना चाहिए।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने अगप को सीधा मित्रता प्रस्ताव भी दिया। कहा कि वे क्षेत्रीयतावाद के खिलाफ नहीं हैं। वे तो चाहते हैं कि अगप बनी रहे तथा कांग्रेस और अगप मिलकर भाजपा को हराएं। दूसरी तरफ एआईयूडीएफ मुखिया मौलाना बदरूद्दीन अजमल ने भी मिलती-जुलती राय जताई। बोले, यदि अगप नेताओं में थोड़ी भी लाज है तो बिना देर किए गठबंधन और राज्य सरकार से बाहर आ जाना चाहिए।

अजमल ने सवाल उठाया कि आखिर वे (अगप नेता) और कितना अपमानित होना चाहेंगे। मौलाना अजमल ने अगप नेताओं पर सत्ता लोभी होने का गंभीर आरोप भी लगाया। क्योंकि उन्हें सत्ता का लोभ लग गया है, इसलिए वे गठबंधन से बाहर नहीं आएंगे। भाजपा, कांगरेस और एआईयूडीएफ राज्य की सबसे अहम राजनीतिक पार्टियां आज की तारीख में हैं।

रोचक ढ़ंग से एक-दूसरे की आलोचना करते समय तीनों खुद को छोड़ बाकी दो घोर विरोधी विचारधारा की पार्टियों पर गुपचुप अभिसंधि के आरोप लगाती रहती हैं। भाजपा कहती है कि कांग्रेस और एआईयूडीएफ आपस में मिली हैं। कांग्रेस का दावा है कि एआईयूडीएफ तो भाजपा की बी-टीम है। वहीं एआईयूडीएफ के मौलाना अजमल भी नहीं चुकते।  भाजपा और कांग्रेस में आपसी समझ की बात कह ही देते हैं। हालांकि गाहे-ब-गाहे कांग्रेेस के केंद्रीय नेतृत्व से अपने अच्छे संबंध के इशारे भी करते रहते हैं।