असम एनआरसी की संसोधित यूची आज प्रकाशत की जा रही है। ठीक इससे पहले कांग्रेस ने डिटेंशन कैंपों में ले जाकर रखे जाने वाले लोगों को लेकर बड़ा बयान दिया है। यह बयान उस घटना को लेकर दिया गया है जिसमें बिहार की मूल निवासी अमीला साह को डिटेंशन कैंप भेज दिया गया। इसके विरोध में असम प्रदेश कांग्रस और अखिल असम भोजपुरी परिषद ने कड़ी निंदा की है। साथ ही कहा है कि यह हिंदीभाषियों के खिलाफ सरकार की साजिश है।

कांग्रेस के प्रवक्ता रमण झा ने कहा कि हिंदी भाषियों का नाम, उनकी उपाधि और भाषाएं ही भारतीयता की पहचान है परन्तु दिल्ली और दिसपुर की सरकार रोजी—रोटी के लिए अपने मूल राज्य से यहां आए लोगों को प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने कहा कि हिंदी भाषियों को डिटेंशन कैंप भेजना और नोटिस देने का जारी सिलसिला गृहमंत्री और भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह का 40 लाख घुसपैठियों को निकाला बाहर करने के सपने को पूरा करने कदम तो नहीं।

उन्होंने यह भी कहा कि हिंदी भाषी इलाकों से भाजपा को भारी समर्थन मिला है, लेकिन भारत का हार्ट लाइन मानी जाने वाली हिंदी भाषी बेल्ट के निवासियों को एनआरसी के नाम पर संदिग्ध बताकर डिटेंशन कैंप भेजा जा रहा है।