करनाल। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के प्रवक्ता वीरेन्द्र चौहान ने कहा है कि पंजाब के पटियाला में 29 अप्रैल को अलगाववादी ताकतों के तांडव के बाद करनाल से चार खालिस्तानी आतंकवादियों की गिरफ्तारी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के सत्ता में आते ही खालिस्तानी आतंकवाद का पुनर्जीवित हो उठना आशंकाओं को सही साबित करता है। यदि पंजाब में आतंकवाद पनपता है तो इसका पड़ोसी राज्य हरियाणा पर भी असर पड़ेगा। 

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चौहान ने करनाल से चार खालिस्तानी आतंकवादियों की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि आम आदमी पार्टी के पंजाब की सत्ता में आते ही खालिस्तानी आतंकवादियों का नंगा नाच कोई संयोग नहीं है। आप सुप्रीमो अरङ्क्षवद केजरीवाल के अर्बन नक्सलियों एवं खालिस्तानी तत्वों के साथ सांठगांठ के आरोप पहले से लगते रहे हैं। पंजाब चुनाव से पहले श्री केजरीवाल के करीबी मित्र कुमार विश्वास ने भी इस बाबत आगाह किया था। पहले वर्ष 2020 में शाहीन बाग आंदोलन के बाद सांप्रदायिक दंगे हुए, फिर किसान आंदोलन के नाम पर लाल किले पर खालिस्तानियों का तांडव हुआ। 

रामनवमी के अवसर पर जहांगीरपुरी में हुई हिंसा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में व्याप्त अव्यवस्था का ताजा उदाहरण है। उल्लेखनीय है कि एक खुफिया सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में करनाल पुलिस ने खालिस्तानी आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा से जुड़े चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से भारी मात्रा में हथियार एवं कैश भी बरामद किए गए हैं। पंजाब से इनोवा कार से आए इन चार आतंकवादियों की पहचान अमनदीप,परमिंदर, भूपेंद्र और गुरप्रीत के रूप में की गई है। 

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उन्होंने कहा कि पंजाब की सत्ता में आते ही आप ने अपनी रणनीति के अनुरूप चंडीगढ़ पर स्वामित्व का मुद्दा उछाल कर पंजाब और हरियाणा के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश की। इस तनाव को हवा देने के लिए फिर सतलुज-यमुना लिंक नहर के पानी का मुद्दा भी उछाला। इस मामले की जांच पूरी होने से पहले ही एक बड़ी वारदात को अंजाम देने से पहले चार खालिस्तानी आतंकवादियों का करनाल से पकड़ा जाना खतरनाक संकेत देता है। यह पूरे देश और सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चुनौती है।