प्रवासी श्रमिकों को रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताते हुये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को आयोग के गठन की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए है। लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा करते हुये श्री योगी ने कहा कि श्रमिकों के लिए एमएसएमई सेक्टर, 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना तथा 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' योजना में रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं। इसी प्रकार कृषि, डेयरी, पशुपालन आदि से जुड़ी गतिविधियों में भी रोजगार की बड़ी सम्भावनाएं हैं।


उन्होने कहा कि रोजगार की दृष्टि से श्रमिकों को इन सेक्टरों से जोडऩे की कार्यवाही की जाये। श्रमिकों की दक्षता का विवरण संकलित करने के लिए स्किल मैपिंग का कार्य निरन्तर जारी रखा जाये। श्रमिकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए जिला सेवायोजन कार्यालय की उपयोगिता को पुर्नस्थापित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बरसात के मौसम में मनरेगा से जुड़े कार्य सामान्य परिस्थितियों में सम्पादित नहीं किए जाते।


वर्तमान समय में विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रमिकों की प्रदेश वापसी को देखते हुए बरसात के मौसम में भी मनरेगा के कार्यों के संचालन की वैकल्पिक सम्भावनाओं को तलाशा जाये। इससे इन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में सुविधा होगी। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों के कर्मियों के साथ-साथ निर्माण श्रमिकों, 'एक जनपद, एक उत्पाद' योजना, 'विश्वकर्मा श्रम सम्मान' योजना से जुड़े परम्परागत कामगारों का एक डाटा बैंक तैयार किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इसमें श्रमिकों के बैंक खातों का विवरण भी सम्मिलित किया जाए।


योगी ने कहा कि प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों द्वारा निर्मित पीपीई किट, थ्री लेयर मास्क व अन्य वस्तुओं की खरीद राज्य सरकार के स्तर से की जाए। इससे प्रदेश में निर्मित इन वस्तुओं को प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि मास्क का उपयोग न करने पर जिस व्यक्ति का चालान किया जाए, उसे ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित मास्क उपलब्ध कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सीमेन्ट, ईट, बालू, गिट्टी, मौरंग आदि निर्माण सामग्री उचित और निर्धारित मूल्यों पर जनता को प्राप्त हो। उन्होंने आम के निर्यात के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल के प्रकोप के दृष्टिगत पूरी सतर्कता व सावधानी बरती जाए।