आसमान से 5000 साल बाद एक मेहमान फिर लौटा आया है। यह धूमकेतु ATLAS है जिसकी खोज सबसे पहले Asteroid Terrestrial-impact Last Alert System (ATLAS) ने की थी। इसको यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई से ऑपरेट किया जाता है। यह 2020 के मध्य में ही खत्म हो गया था और छोटे-छोटे बर्फीले टुकड़ों में बंट गया था।

नई स्टडी में अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के हबल स्पेस टेलिस्कोप की मदद से ऐस्ट्रॉनमर क्वान्झी ये ने बताया है कि ATLAS उसी 5 हजार साल पुराने धूमकेतु का हिस्सा है। कॉलेज पार्क की यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड के ऐस्ट्रॉनमर के मुताबिक ATLAS उसी ट्रैक पर है जिसपर 1844 में एक धूमकेतु को देखा गया था। यानी दोनों एक ही पैरंट धूमकेतु से आए हो सकते हैं। दोनों के बीच लिंक माइक मेयर नाम के ऐस्ट्रॉनमर न खोजा था।

ये का कहना है कि ATLAS तब टूटा होगा जब वह धरती के मुकाबले सूरज से ज्यादा दूर करीब 10 करोड़ मील पर था। ये का सवाल है कि अगर यह अपने पैरंट से बहुत दूर टूटा था तो सूरज के पास से गुजरा कैसे? ऐस्ट्रॉनमिकल जर्नल में छपी स्टडी में यी ने अपने साथियों के साथ बताया है कि ATLAS का एक हिस्सा कुछ दिन में टूट गया और दूसरा कई हफ्तों बाद।

एक संभावना यह है कि इससे निकलने वाले मटीरियल ने इसे इतनी तेजी से घुमाया कि उसके बल से वह टूट गया। एक और थिअरी यह है कि इसमें बर्फ इतनी विस्फोटक हो गई थी कि आतिशबाजी की तरह यह धूमकेतु फट गया। ये का कहना है कि ATLAS को समझना बहुत मुश्किल है लेकिन इसका बचा हुआ हिस्सा 50वीं सदी से पहले नहीं लौटेगा।