लद्दाख में कड़ाके की ठंड ने (Cold has knocked in Ladakh) दस्तक दे दी है और पारा शून्य से कई डिग्री नीचे लुढ़क चुका है. जहां एक तरफ ठंड के चलते लद्दाख के लोगों के लिए परेशानियां बढ़नी शुरू हो गयी हैं तो वहीं दूसरी तरफ लद्दाख में घूमने आये पर्यटकों के लिए (tourists visiting Ladakh) ठंड एक नया ही अनुभव दे रहा है. लद्दाख और कश्मीर घाटी ( Kashmir Valley) में समय से पहले कड़ाके की ठण्ड पड़ने लगी है और नवंबर में ही पारा शून्य से कई डिग्री लुढ़क चुका है.

 

मौसम विभाग (Meteorological Department) के मुताबिक शनिवार को लद्दाख के द्रास में न्यूनतम पारा शून्य से 12 डिग्री नीचे लुढ़क गया. दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह होने के कारण यहां पर ठंड कोई नई बात नहीं, लेकिन समय से पहले पड़ने लगी ठण्ड ने लोगों की मुसीबत भी बढ़ा दी है. नवंबर के महीने में पड़ने वाली इस कड़ाके की ठंडी के चलते नदी नालो में पानी का जमना शुरू हो गया. लेकिन जहां आम लोग समय से पहले पड़ने वाली ठंड से परेशान हैं तो वहीं कुछ युवा इस ठंड में खूब मज़े कर रहे हैं.

द्रास में बने ओपन एयर नेचुरल ICE रिंक में कड़ाके की ठंड के चलते पानी जम गया है. जिस पर कारगिल और द्रास के आइस हॉकी और आइस स्केटिंग के खिलाडी जम कर फिसल रहे हैं. द्रास निवासी नासिर हुसैन के अनुसार पिछले कुछ दिनों से द्रास में बारिश और बर्फबारी के बाद ठंड काफी बढ़ गई है. जिसके चलते आइस रिंक में पानी जमना शुरू हो गया है. एक और खिलाडी मोहमम्द इब्राहिम के अनुसार द्रास में काफी अधिक ठंड पड़ती और इसलिए रिंक को इंडोर बनाने की ज़रुरत है ताकि बच्चे आराम से प्रैक्टिस कर सकें. लेकिन फिलहाल खुले आसमान के नीचे बने इस कुदरती आइस रिंक में खूब मज़ा कर रहे हैं.

द्रास निवासी अकबर हुसैन के अनुसार समय से पहले पड़ने वाली कड़ाके की ठंड से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ठंड के कारण डीजल से चलने वाली गाड़िया बंद पड़ने लगी हैं और जमे हुए डीजल को निकलने के लिए वर्कशॉप पर गाड़ियों के आने का सिलसिला भी शुरू हो गया है.  लोग बताते हैं कि अगर सरकार इसी ठंड और बर्फ़बारी के चलते द्रास और कारगिल में विंटर टूरिज्म को बढावा दे तो यहां के लोगों को भी आर्थिक मदद मिल सकेगी.

लद्दाख में पहुंचे पर्यटक इस ठंड का खूब मज़ा ले रहे हैं. पर्यटकों का कहना है कि हर तरफ सफ़ेद बर्फ और ठंड अलग ही मज़ा दे रही है. द्रास दुनिया की दूसरी सबसे ठंडी जगह है जहां साइबेरिया के बाद सबसे अधिक ठंड पड़ती है. द्रास में 1995 में पारा माइनस 60 तक लुढ़क गया था जो एक रिकॉर्ड है. आम तोर पर द्रास में पारा माइनस 30 से 45 तक लुढ़क जाता है.