देश की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनी एनटीपीसी (NTPC) लिमिटेड के बिहार के भागलपुर जिले में स्थित 2340 मेगावाट के कहलगांव बिजली संयंत्र (Kahalgaon Power Plant ) में कोयले की भारी कमी से विद्युत उत्पादन के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। कहलगांव बिजली संयंत्र के मुख्य महाप्रबंधक अरिंदम सिन्हा ने शनिवार को यहां बताया कि ईस्टर्न कोल फिल्ड (eastern coal field) (ईसीएल) की राजमहल परियोजना में उत्खनन कार्य के बाधित होने के कारण वहां से कहलगांव बिजली संयंत्र को जरूरत के मुताबिक कोयले की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। 

इससे संयंत्र के कोयले का स्टॉक घटकर करीब पचास हजार मीट्रिक टन रह गया है, जो दो-तीन दिनों के लिए पर्याप्त है। सिंह ने बताया कि इस संयंत्र की सभी सातों इकाइयों के परिचालन के लिए प्रतिदिन करीब 40 हजार मीट्रिक टन कोयले की जरूरत होती है। लेकिन, ईसीएल (ECL) से अभी मुश्किल से करीब बारह हजार मीट्रिक टन ही कोयला (Coal Shortage) मिल पा रहा है। ऐसी स्थिति में कोयला नहीं मिलने से संयंत्र के स्टॉक मे रखे कोयले की खपत परिचालन मे करनी पड़ रही है। 

मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि कोयले की कमी होने के कारण इस संयंत्र के 500-500 मेगावाट की दो और 210 मेगावाट की चार इकाइयों का परिचालन कम लोड पर किया जा रहा है जबकि वार्षिक रखरखाव के लिए 500 मेगावाट की एक इकाई पहले से बंद है। सिन्हा ने बताया कि ईसीएल से प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में कोयला (Coal Shortage in Kahalgaon Power Plant ) नहीं मिलने की स्थिति में पश्चिम बंगाल के रानीगंज के खदानों से रेलवे के जरिए प्रतिदिन करीब पांच रैक कोयले की आपूर्ति हो रही है। इस तरह प्रतिदिन राजमहल एवं रानीगंज से मिल रहे कोयले की पूरी खपत इस संयंत्र के परिचालन में करनी पड़ रही है। 

उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में यदि एक भी दिन दोनो जगहों से कोयले की आपूर्ति बाधित होती है तो इस संयंत्र की इकाइयों को बंद करना पड़ सकता है। मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि इस बिजली संयंत्र में उत्पन्न कोयले की गंभीर समस्या के समाधान के लिए एनटीपीसी प्रबंधन लगातार कोयला मंत्रालय के संपर्क में है। संयंत्र में विद्युत उत्पादन प्रभावित होने के बाद भी बिहार को निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।