मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने राज्य में बिजली की मांग को पूरा करने वाली बिजली परियोजनाओं के विलंब होने पर चिंता व्यक्त की है।


संगमा ने सोमवार रात यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'भूमि अधिग्रहण, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में देरी और पारेषण लाइनों में देरी जैसे कई कारणों से ये परियोजनाएं अटकी हुई हैं। विभिन्न परियोजनाओं में अलग-अलग चुनौतियां सामने आ रही है।'


मुख्यमंत्री ने कहा, 'इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द आगे बढ़ाने के लिए कई समीक्षा बैठकें की गयी है। राज्य में 16 परियोजनाओं पर काम चल रहा है और वर्तमान में ये परियोजनाएं विभिन्न चरणों में है जिनसे 1600 मेगावाट बिजली उत्पादन की उम्मीद है।'


उन्होंने इस दौरान कहा कि पहले बिजली जमा कराने वाली व्यवस्था थी जिसमें राज्य सरकार चुनिंदा एजंसियों को बिजली देती थी और जरूरत के समय उनसे ले ली जाती थी। केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष हालांकि इस व्यवस्था को बदलते हुए बिजली के बदले नकद भुगतान करना अनिवार्य कर दिया।