अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू और राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कमलुंग मोसांग के साथ प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) का शुभारंभ किया।

इस योजना को शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए खांडू ने कहा कि इस योजना से अरुणाचल प्रदेश को बेहद लाभ होगा क्योंकि आधे से ज्यादा आबादी खासकर ग्रामीण इलाकों में अभी भी खाना पकाने के लिए लकड़ी या कोयले का उपयोग करती है। 

नई दिल्ली में खण्डू और रिजिजू के साथ बैठक में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 2 जून को आश्वासन दिया था कि अरुणाचल प्रदेश में प्रत्येक घर को 2019 तक एलपीजी से जोड़ा जाएगा। 

उन्होंने अनुरोध किया था मुख्यमंत्री और राज्य मंत्री ने तुरंत इस योजना को राज्य में लॉन्च करें और इस योजना का सभी जिले और ब्लॉक स्तर पर लागू करें।

खांडू ने कहा कि इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे की बीपीएल परिवारों को स्वच्छ खाना पकाने के लिए एलपीजी गैसे कनेक्शन दिए जाएंगे। इस योजना का लक्ष्य देश भर में 2019 तक 5 करोड़ बीपीएल परिवारों को एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना है। 

उन्होंने ने घोषणा की कि राज्य सरकार इस योजना के तहत प्रदान की गई सहायता में प्रत्येक लाभार्थी को 1000 रुपए अतिरिक्त देगी। इस घोषणा के साथ राज्य के लाभार्थी को एक कनेक्शन के लिए 2600 रुपए मिलेंगे।

बता दें कि प्रधानमंत्री उज्जावला योजना की शुरुआत 1 मई 2016 को की गई थी। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों की महिलाओं को रसोई को धुंआ मुक्त करना है। 

खण्डु ने ने कहा, 'मोदी सरकार ने इन तीन वर्षों में कई बड़े फैसले किए हैं और देश में 90 से अधिक योजनाएं शुरू की हैं। अब ये हमारी जिम्मेदारी है कि इन योजनाओं को पारदर्शी और विवेकपूर्ण तरीके से असली लाभार्थियों तक ले जाएं।