पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने असम में चल रहे एनआरसी के पीछे गंदी राजनीति चलने की शंका जाहिर की है। उन्होंने असली मतदाताआें की लिस्ट तैयार करने को राजनीतिक रंग देते हुए गंदी राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे सरकार के खिलाफ नहीं हैं लेकिन वे एनआरसी का समर्थन भी नहीं कर रही है। एनआरसी के नाम पर गंदी राजनीति की जा रही है। वास्तवितक मतदाताआें की लिस्ट तैयार करने के नाम पर हम एनआरसी का समर्थन नहीं कर सकते। उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर स्थित मतुआ महासंघ की मुखिया विणापानी देवी के 100वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ये बातें कही।


कार्यक्रम में आए मतुआ समुदाय के लोगों से मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग भारतीय नागरिक हैं और यही आप लोगों की पहचान है। आप से यह कोई नहीं छीन सकता है आैर जो लोगों से उनका भारतीय नागरिकता छीनने की कोशिश कर रहे है वे गलत कर रहे हैं।


मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की भाजपा सरकार ने पिछड़ी जाति के लोगों को दी जाने वाली सुविधाएं देना बंद कर दिया है। वहां जाति प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है। लेकिन बंगाल में उनकी सरकार पिछड़ी जाति के लोगों और अल्पसंख्यकों समान रुप से सम्मान देती है। दोनों समुदाय एकसाथ रहते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा एनआरसी कर असम से बंगालियों को भगा रही है और गुजरात से बिहारियों को भगवा रही है।