असम सरकार ने दो दिन पहले घोषणा की थी कि राज्य में कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की फाइनल परीक्षा आयोजित की जाएगी। वहीं गुरुवार को असम सरकार ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं तभी आयोजित की जाएगी जब राज्य में कोविड -19 पॉजिटिविटी रेट 2 प्रतिशत से कम होगा।

हालांकि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि दो शिक्षा बोर्ड - बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन असम (SEBA) और असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल (AHSEC) जुलाई के मध्य में परीक्षा आयोजित करने की कोशिश करेंगे।

कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा 15 से 20 जुलाई के बीच दो से तीन पेपर के लिए होगी। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करने के लिए मेल और फीमेल स्टूडेंट्स छात्र अलग-अलग तारीखों पर परीक्षा देंगे।

प्रश्न पत्र ऑब्जेक्टिव टाइप और स्ट्रेटफॉर्वर्ड होंगे। मुख्यमंत्री ने ये भी कहा कि एग्जाम कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आयोजित किए जाएंगे।  

सरमा ने ये भी  कहा कि परीक्षा आयोजित होने के लिए 1 जुलाई तक कोविड पॉजिटिविटी रेट 2 प्रतिशत से कम होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो टीचर्स स्कूल-बेस्ड इवैल्यूएशन के जरिए छात्रों को प्रमोट करेंगे।  उन्होंने छात्रों को अपनी तैयारी जारी रखने की सलाह दी।

गौरतलब है कोविड -19 महामारी के बीच, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और कई राज्यों ने कक्षा 10 और कक्षा 12 के छात्रों के लिए लंबित बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। वहीं असम राज्य इन परीक्षाओं को आयोजित करने की योजना बना रहा है। 8 जून को असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने कहा था कि सरकार ने स्टेकहोल्डर्स के साथ परामर्श के बाद बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का फैसला किया है।