गत 23 अप्रैल को संपन्न हुए तीसरे चरण के लोकसभा चुनाव के दौरान कोकराझाड़ में बीपीएफ और आब्सू के समर्थकों के बीच हुई आपसी झड़प में दोनों पक्षों के बीच अभी भी तनाव व्याप्त है। इस घटना को लेकर दोनों पक्षों द्वारा कोकराझाड़ थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया था, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। आब्सू ने यह आरोप लगाया है। कोकराझाड़ स्थित बोडोफा भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कोकराझाड़ जिला आब्सू सचिव सोमदन ब्रह्म ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि 23 अप्रैल की घटना को लेकर एफआईआर दर्ज कराया गया था लेकिन आज तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया।


आब्सू ने घटना को अंजाम देने वाले छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया था। उनके नाम बिलीफांग नार्जारी, एंटनी बसुमतारी, दानस्लिंग मुसाहारी, कविरंजन ब्रह्म, सुगमतसात बुसमतारी और जुलियस बसुमतारी हैं। कोकराझाड़ जिला आब्सू सचिव सोमदन ब्रह्म ने बताया कि घटना में आब्सू के तथा यूपीपीएल के तीन समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें से एक का इलाज गुवाहाटी के निजी अस्तपलात में चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करती है तो आब्सू गणतांत्रिक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।

वहीं दूसरी तरफ 23 अप्रैल को हुए हिंसात्मक घटना में बीपीएफ का एक समर्थक बिलिफांग नार्जारी घायल हो गया था। घटना को लेकर कोकराझाड़ थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। बीपीएफ कोकराझाड़ जिला अध्यक्ष देरहासात बसुमतारी ने उक्त घटना की निंदा करते हुए घटना को अजांम देने वाले पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार करने की मांग की है।