काबुल। अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत के जलालाबाद हवाईअड्डे ने अमेरिकी सेना और अन्य विदेशी सैनिकों के लिए दो दशक तक सेवा देने के बाद नागरिक उड़ानें फिर से शुरू कर दी हैं। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान के नेतृत्व वाली सरकार के परिवहन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, हर हफ्ते तीन से चार उड़ानें होंगी।

परिवहन और नागरिक उड्डयन उप मंत्री इमाम मोहम्मद वारिमाच ने कहा, 'नंगरहार हवाई अड्डे से नागरिक उड़ानों की बहाली एक अच्छा कदम है। यह पूर्वी प्रांतों लघमन, नूरिस्तान, कुनार और नंगरहार के लिए एक प्रमुख संसाधन है।' एमओटीसीए ने कहा कि, वह हवाईअड्डे पर और सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास करेगा।

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मंत्रालय के प्रवक्ता इमामुद्दीन वरीमाच ने कहा, 'इस्लामिक अमीरात के सत्ता में आने के साथ, हमने इस हवाईअड्डे को फिर से सक्रिय कर दिया और इसे सभी आवश्यक उपकरण प्रदान किए। एमओटीसीए के कर्मचारी अपने पदों पर काबिज हो गए हैं।' इस बीच कारोबारियों ने नंगरहार प्रांत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर से शुरू करने का आह्वान करते हुए कहा है कि, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें देश की अर्थव्यवस्था को मदद कर सकती हैं।

टोलो न्यूज ने एक व्यवसायी जाल्मय अजीमी के हवाले से कहा, 'मैं इस्लामिक अमीरात के अधिकारियों से इस हवाई अड्डे और हवाई-गलियारे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा देने की अपील करता हूंर। इस प्रकार हम अफगानिस्तान से अपना माल निर्यात कर सकते हैं।'

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इससे पहले, अमेरिकी सशस्त्र बलों और नागरिक ठेकेदारों द्वारा जलालाबाद हवाई अड्डे का उपयोग किया जाता था। वे फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस फेंटी से संचालित होते थे। अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) और रेसोल्यूट सपोर्ट मिशन (आरएसएम) के सदस्यों ने भी हवाई अड्डे का इस्तेमाल किया।