असम में नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों के कारण स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। राज्य में पिछले 12 घंटों के दौरान हिंसा की कोई सूचना नहीं है। गुवाहाटी में पिछले दो दिनों से कर्फ्यू लगा है, जबकि डिब्रूगढ़ में कर्फ्यू  में पांच घंटे की छूट दी गयी है। गुवाहाटी में कर्फ्यू  लागू है। लोग हालांकि, आज सुबह जरूरी सामान खरीदने के लिए घरों से बाहर निकले। 

सेना के जवान गुवाहाटी के संवेदनशील इलकों में लगातार गश्त कर रहे हैं। ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) लगातार सीएबी का विरोध कर रहा है और उसने चानमरी मैदान में 12 घंटे का धरना का आयोजन किया है। आसू को इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों से समर्थन मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि संसद के दोनों सदन से पारित सीएबी विधेयक के मुताबिक 31 दिसंबर 2014 से पहले बांगलादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से गैर कानूनी तरीके से आये हिंदू, पारसी, सिख, जैन, बैद्ध तथा ईसाई समाज के लोगों को बिना किसी दस्तावेज के भारतीय नागरिता देने का प्रावधान है और इसके विरोध में पूर्वोत्तर के राज्यों विशेषकर असम और त्रिपुरा के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं।

वहीं मेघालय के शिलांग के कुछ हिस्सों में नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) 2019 के विरोध में जारी प्रदर्शनों के मद्देनजर गुरुवार को कर्फ्यू लगा दिया गया और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी। इस बीच शिलांग के पुलिस बाजार क्षेत्र में अज्ञात लोगों ने एक मोटरसाइकिल समेत तीन वाहनों में आग लगा दी। मोटफरन शहर में सीएबी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस छोड़े। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण है और पुलिस ने पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। ईस्ट खासी हिल्स के उपायुक्त मत्सिएवदोर वार नोनग्बरी ने कहा, शिलांग शहर के लुम्डीएंजरी और सदर थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर कर्फ्यू लगा दिया गया। कुछ जगहों से आगजनी और तोडफ़ोड़ की भी रिपोर्टें सामने आई हैं।

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