बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं।  शनिवार को लोजपा नेता चिराग पासवान ने कहा है कि मेरे पिताजी (स्वर्गीय रामविलास पासवान) और लालू यादव काफी घनिष्ठ मित्र रहे हैं।  

मैं और तेजस्वी यादव एक दूसरे को बचपन से ही जानते हैं और हम लोग काफी अच्छे दोस्त हैं।  तेजस्वी मेरे छोटे भाई के समान हैं।  बिहार में जब चुनाव का समय आएगा तब पार्टी आरजेडी के साथ गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला लेगी। 

चिराग पासवान ने कहा है कि सीएए, एनआरसी समेत हर कदम पर मैं भाजपा के साथ खड़ा रहा हूं।  वहीं नीतीश कुमार इससे असहमत थे। अब बीजेपी को तय करना है कि आने वाले दिनों में वे मेरा समर्थन करेंगे या नीतीश कुमार का।

 इसके अलावा चिराग ने कहा है कि मैंने हनुमान की तरह प्रधानमंत्री जी का हर मुश्किल दौर में साथ दिया और आज जब हनुमान का राजनीतिक वध करने का प्रयास किया जा रहा है, मैं ये विश्वास करता हूं कि ऐसे में राम खामोशी से नहीं देखेंगे। 

गौरतलब है कि आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने चिराग पासवान की तरफ एक बार फिर से दोस्ती का हाथ बढ़ाया है।  तेजस्वी ने पहले चिराग को साथ आने का ऑफर दिया और अब उनकी पार्टी 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती मनाएगी।

 इस मौके पर पार्टी दफ्तर में उनकी फोटो पर पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता माल्यार्पण करेंगे। दिलचस्प बात ये है कि उसी दिन राजद का स्थापना दिवस भी है तो उससे संबंधित कार्यक्रम उसके बाद होंगे।