बिहार के जमुई से सांसद और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आज कहा कि अपनी महत्वाकांक्षा के लिए चाचा और हाजीपुर के सांसद पशुपति कुमार पारस पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की राजनीतिक हत्या करने की कोशिश करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गोद में चले गए हैं । 

पासवान ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लोजपा के संस्थापक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय पासवान चाहते थे कि उनकी पार्टी अपने दम पर बिहार में विधानसभा का चुनाव लड़े। इसको लेकर पार्टी संसदीय दल की बैठक में भी सभी सदस्यों की आम राय यही थी। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक के स्वर्गीय होने के अभी 9 माह भी नहीं हुए कि अपनी महत्वाकांक्षा के लिए चाचा पारस मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ खड़े हो गए जिन्होंने पार्टी को कई बार तोड़ा। 

कुमार ने स्वर्गीय पासवान को राजनीति में आगे बढऩे से रोका और उनकी राजनीतिक हत्या की कोशिश भी कई बार की। सांसद ने कहा कि चाचा पारस सहानुभूति और दिखावे के लिए अपने बड़े भाई स्व. पासवान की जयंती के मौके पर कल उन्हें याद कर रहे थे, लेकिन जब पूर्व केंद्रीय मंत्री पासवान अस्पताल में भर्ती थे तब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ ही देश के कई बड़े नेताओं ने उनका हालचाल पूछा था और उस समय भी मुख्यमंत्री कुमार ने उन्हें याद ना कर तंज कसा था। कुमार ने कई मौकों पर पार्टी के संस्थापक का अपमान किया है। पासवान ने कहा कि कल जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के साथ ही देश के कई नेताओं ने स्वर्गीय पासवान को याद किया, लेकिन एकमात्र कुमार तथा उनके जनता दल यूनाइटेड (जदयू )के किसी नेता ने याद नहीं किया। इस तरह का काम वह हमेशा से करते रहे हैं। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या ऐसे में राज्य के दलित ,शोषित और वंचित लोग कुमार को माफ कर पाएंगे।