बिहार के जमुई से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सांसद एवं पार्टी (चिराग गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आज दावा किया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद राज्य में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू )को टूटने से कोई नहीं बचा सकता। पासवान ने अपनी आशीर्वाद यात्रा के अगले चरण में बुधवार को यहां समस्तीपुर के लिए रवाना होने से पूर्व संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जदयू में टूट होना तय है। इसे स्वयं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी नहीं रोक सकते हैं। 

उन्होंने दावा करते हुए कहा कि जैसे ही केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, जदयू में टूट शुरू हो जाएगी। लोजपा सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री कुमार अपनी पार्टी जदयू के सांसदों को केंद्र में मंत्री बनाने की जगह लोजपा से निष्कासित हाजीपुर के सांसद पशुपति कुमार पारस को मंत्री पद दिलाने के लिए लगे हैं। इससे कुमार के अपने ही सांसदों में मतभेद है और जदयू में बिखराव होना तय है। जदयू की तरफ से लोकप्रियता हासिल करने के लिए मुख्यमंत्री कुमार का नाम लिए जाने के आरोप पर उन्होंने कहा कि वह अपने उन हारे हुए विधायकों तथा प्रत्याशियों से पूछे कि चिराग की लोकप्रियता कैसी है।  

पासवान ने कहा कि मुख्यमंत्री कुमार को इतनी फुर्सत भी नहीं मिली कि लोजपा संस्थापक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि तक दे सकें। श्रद्धांजलि देना तो दूर की बात है, कुमार ने उनके लिए एक ट्वीट तक करना जरूरी नहीं समझा। संसद ने सवालिया लहजे में कहा कि ऐसे लोगों के साथ खड़े चाचा पारस लोजपा को बचाने की बात करते हैं ,जो हमारे नेता का सम्मान भी नहीं करते हैं। चाचा पारस के इस कदम से स्पष्ट हो गया है कि वह सिर्फ केंद्र में मंत्री बनने के लिए कुमार के साथ खड़े हैं। चाचा पारस को लोजपा के संस्थापक या पार्टी के सिद्धांतों से कोई मतलब नहीं रह गया है। 

पासवान ने एक बार फिर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चाचा पारस को लोजपा के कोटे से केंद्र में मंत्री बनाया जाता है तो वह इसके खिलाफ उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। चाचा पारस के साथ ही पार्टी के बागी पांचों सांसदों को निष्कासित कर दिया गया है और ऐसे में उन्हें लोजपा कोटे से मंत्री बनने का अधिकार नहीं रह गया है। यदि मंत्री बनना है तो वे पहले जदयू में शामिल हो जाएं। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है कि ऐसी स्थिति नहीं आएगी और लोजपा कोटे से चाचा पारस को मंत्री नहीं बनाया जाएगा।