लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आज आरोप लगाया कि बिहार के मुख्यमंत्री एवं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने वोट की राजनीति के लिए जातिवाद को बढ़ावा दिया और यदि गलती से भी वह फिर से मुख्यमंत्री बने तो प्रदेश को बदहाली का और दंश झेलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। 

पासवान ने यहां पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष प्रिंस राज, विधायक दल के नेता राजू तिवारी और पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सूरजभान की उपस्थिति में विजन डॉक्यूमेंट 2020‘ बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में हर बिहारी की इच्छा है बिहार अस्मिता के साथ-साथ प्रदेश को पुन: गौरवशाली बनाया जाए। उन्होंने कहा कि इस सोच को लेकर पार्टी ने बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट के तहत लगभग चार लाख बिहारियों से सुझाव लेकर एक ऐसी रूपरेखा तैयार की है ताकि प्रदेश को फर्स्ट बनाया जा सके। लोजपा अध्यक्ष ने बगैर किसी नेता का नाम लिए कहा, वह लड़ रहे हैं हम पर राज करने के लिए और हम लड़ रहे हैं बिहार पर नाज करने के लिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रोज नए लक्ष्य को प्राप्त किया जा रहा है, लेकिन बिहार में वही पुराने 15 वर्ष की बात की जा रही है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पांच वर्षों के कामकाज की बात न कर पिछले 15 वर्षों की सिर्फ बात करते हैं। इससे बिहार का भला होने वाला नहीं है। कुमार ने वोट की राजनीति के लिए जातिवाद को बढ़ावा दिया और यदि वह गलती से भी फिर से मुख्यमंत्री बने तो प्रदेश को बदहाली का और दंश झेलने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। सांसद पासवान ने सवालिया लहजे में कहा कि मुख्यमंत्री कुमार का विजन है घर-घर जल, बिजली देना, हर खेत तक पानी और बिजली पहुंचे। उन्होंने कहा कि यह काम तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री अपनी महत्वकांक्षी योजना सात निश्चय के तहत आज नली और गली की बात कर रहे हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि कुमार उद्योग धंधे की कमी को लेकर इसके लिए लैंडलॉक्ड होने की बात करते हैं। 

उन्होंने सवाल किया कि फिर तो लैंडलॉक्ड प्रदेश राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में इतने उद्योग धंधे का विकास कैसे हुआ। बाढ़ से अभी तक निजात नहीं मिल सकी है इस पर किसी तरह की कोई योजना नहीं बनी है। पलायन चिंता का विषय है इस पर मुख्यमंत्री की कोई सोच नहीं है। लोजपा अध्यक्ष ने कहा कि कुमार सिर्फ वोट के लिए जातीय समीकरण की बात करते हैं। सांप्रदायिकता के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करते हैं, लेकिन उनकी नीति बांटो और राज करो कि रही है। दलित को महादलित बनाकर बांटा गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की सोच ही युवा विरोधी रही है तभी तो कहा करते हैं की प्रदेश के युवा अनुभवहीन हैं। 

पासवान ने कहा कि यदि गलती से भी इस बार के चुनाव में फिर से कुमार जीत जाते हैं तो युवा पलायन करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। बिहार पिछड़ा का पिछड़ा ही रह जाएगा। उन्होंने कहा कि समान काम के लिए समान वेतन की मांग करने पर शिक्षकों पर लाठी चलाई जाती है। मुख्यमंत्री कुमार पिछले 15 वर्ष की बात करते हैं लेकिन उनके पास अपनी सरकार की कोई उपलब्धि गिनाने के लिए नहीं है। लोजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में किए गए सारी केंद्रीय योजनाओं को वह अपनी उपलब्धि बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि कुमार फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं तो प्रधानमंत्री के किए कार्यों को गिना कर ही। कोरोना काल में लाखों लोग आए लेकिन उन्हें वाहन तक नहीं दिया गया। बिहार की सीमा में प्रवेश नहीं करने का फरमान सुनाया गया। 

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लौटने वाले लोगों को हर तरह की सुविधा दी। पासवान ने कहा कि बिहार में अफसरशाही हावी हो गई है और अधिकारी सरकार चला रहे हैं। उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के उद्घाटन किए पुल टूट जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सात निश्चय योजना में भ्रष्टाचार हुई है और अब मुख्यमंत्री सात निश्चय दो को लेकर आए हैं। यदि मुख्यमंत्री सडक़ मार्ग से बिहार में कहीं जाएं तो उन्हें सडक़ों की बेहतर स्थिति का पता चल जाएगा। सडक़ मार्ग से पटना से गोपालगंज जाने पर ही सच्चाई उजागर हो जाएगी। प्रदेश में बढ़ते अपराध के कारण आज छवि खराब हो गई है। समाचार पत्र से लेकर राष्ट्रीय न्यूज चैनलों पर यह खबर सुर्खियों में बनी रहती है। लोजपा अध्यक्ष ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वह चाहते हैं कि बिहार में डबल इंजन की सरकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और लोजपा की बने। जदयू से ज्यादा सीटों पर उनकी पार्टी चुनाव लड़ रही है और उससे अधिक सीटों पर जीत दर्ज करेंगे।