चीन के एक सैटेलाइट ने कॉमेट लियोनार्ड यानि धूमकेतु के एक अद्भुत नजारे को कैमरे में कैद किया है। यह तब हुआ जब यह धरती के सबसे नजदीक था। धूमकेतु का वीडियो भी सामने आया है जिसमें अरोरा साफतौर पर देखा जा सकता है। इस साल जनवरी में इसकी खोज की गई थी जिसके बाद से यह करीब 160,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से पृथ्वी और सूर्य की तरफ बढ़ रहा है। यह कॉमेट हमारी पृथ्वी के पास से होकर गुजर रहा है। बीते 12 दिसंबर को यह पृथ्वी के 70,000 सालों में सबसे करीब था, जब यह क्लिप रेकॉर्ड की गई।

इस नजारे को यांगवांग 1 (Yangwang 1) ने कैप्चर किया है जो चीन के ग्वांगडोंग में स्थित चीनी प्रौद्योगिकी कंपनी ओरिजिन स्पेस की ओर से लॉन्च किया गया एक छोटा सैटेलाइट है। यांगवांग 1 एक कमर्शियल स्पेस टेलिस्कोप है जिसे इस साल की शुरुआत में पराबैंगनी प्रकाश में ब्रह्मांड की तस्वीरें खींचने के लिए लॉन्च किया गया था। यह धरती के करीब मौजूद ऐस्टरॉइड पर भी खोज कर रहा है जिन्हें संभवतः एक दिन संसाधनों के लिए खनन किया जा सकता है और पृथ्वी पर वापस लाया जा सकता है।

इस स्पेसक्राफ्ट ने 12 दिसंबर 2021 को सितारों से भरे आसमान के बीच कॉमेट लियोनार्ड की तस्वीर खींची थी। इस रंगीन तस्वीर को ओरिजिन स्पेस ने शेयर किया है, जिसमें धूमकेतु को अपनी लंबी पूंछ के साथ रात के आकाश में देखा जा सकता है। इसकी पूंछ तब दिखाई पड़ती है जब यह गैस और पानी की बर्फ जैसी वाष्पशील सामग्री को बाहर की ओर फेंकता है जिससे इसकी चमक लगातार बदलती रहती है।

धूमकेतु लियोनार्ड 3 जनवरी, 2022 को कई सदियों बाद सूर्य के सबसे करीब पहुंचेगा। उस घटना को कैद करने के लिए नासा और ईएसए ने अपने सैटेलाइट उस दिशा में भेजे हैं। बर्फ और धूल की यह विशालकाय गेंद करीब आधा मील (करीब 1 किमी) चौड़ी है। इससे पहले नासा के सोलर टेरेस्ट्रियल रिलेशंस ऑब्जर्वेटरी एस्पेसक्राफ्ट (STEREO-A) और यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के सोलर ऑर्बिटर ऑब्जर्वेटरी ने इसका वीडियो बनाया था। STEREO-A नवंबर से हरे धूमकेतु पर नजर बनाए हुए है।