लद्दाख में भारत के साथ तनाव के बीच चीन अपने कई सैनिकों के एक दल को रूस भेज रहा है। ये सैनिक एक सैन्‍य प्रतियोगिता में हिस्‍सा लेंगे जिसमें उन्‍हें भारी बर्फ के बीच में पहाड़ों के अंदर अपनी युद्ध कला को दिखाना है। चीन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक उत्‍तरी थिएटर कमांड के 11 चीनी सैनिक शुक्रवार को रूस पहुंचेंगे और 50 किमी लंबे पहाड़ी रास्‍ते पर चलेंगे। चीनी सैन्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रशिक्षण की मदद से चीनी सैनिक भारत के खिलाफ पूर्वी लद्दाख के बर्फीले मौसम में और ज्‍यादा बेहतर तरीके से जंग लड़ पााएंगे।

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सैनिक पहाड़ और बर्फ के बीच हो रहे इस अभ्‍यास में हिमस्‍खलन के दौरान गुम हुए सैनिकों को ढूढ़ न‍िकालने, राहत कार्य और गोलाबारी का अभ्‍यास करेंगे। सयान मार्च प्रतियोगिता 14 से 17 अप्रैल के बीच होने जा रही है। ऐसा पहली बार है जब चीनी सैनिक इस प्रतियोगिता में हिस्‍सा ले रहे हैं। चीनी सेना के अखबार पीएलए डेली के मुताबिक इस प्रतियोगिता में हिस्‍सा लेकर चीनी सैनिक अपनी लड़ाकू क्षमता का परीक्षण करेंगे। साथ ही रूसी सेना के साथ अपनी दोस्‍ती को बढ़ाने का प्रयास करेंगे। 

हॉन्‍ग कॉन्‍ग के सैन्‍य विश्‍लेषक सोंग झोन्‍गपिंग ने कहा कि सयान मार्च के जरिए चीनी सैनिक रूसी सैनिकों से यह जान सकेंगे कि बर्फ के बीच खराब मौसम में पहाड़ों पर कैसे जंग लड़ी जाए। चीनी सेना के पूर्व प्रशिक्षक ने कहा, 'चीन का भारत के साथ सीमा विवाद है और तिब्‍बत के पठारी युद्धक्षेत्र में बहुत ठंडा मौसम है तथा अत्‍यधिक ऊंचाई है। चीन को इस नए तनाव से जूझने का अनुभव लेना है और भारत की ओर से होने वाली उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयारी करना है।' 

उन्‍होंने कहा कि चीनी सेना का मिशन अपने देश की सुरक्षा करना है और विदेशों में चीनी राष्‍ट्रीय हितों की रक्षा करना है। इसमें ऐसे कठिन परिस्थितियों वाली जगहें और खराब मौसम शामिल हैं। बता दें कि भारत और चीन के बीच सीमा रेखा जुड़ती है और दोनों के बीच इसको लेकर विवाद है। पूर्वी लद्दाख में चीन की घुसपैठ की कोशिश के दौरान पिछले साल जून महीने में 20 भारतीय सैनिक और करीब 40 से ज्‍यादा सैनिक मारे गए थे।