चमगादड़ें अब इंसानों के लिए काल बन चुकी हैं क्योंकि इनमें 24 तरह के नए वायरस पाए गए हैं जिनमें से 4 तो कोरोना वायरस की तरह के हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक चमगादड़ों में पाए गए नए कोरोना वायरस में एक ऐसा वायरस शामिल है, जो आनुवांशिक रूप से कोविड-19 का दूसरा सबसे करीबी हो सकता है। उनका कहना है कि चीन के दक्षिण-पश्चिमी में खोज से सिर्फ इतना पता चलता है कि चमगादड़ों में कितने प्रकार के कोरोना वायरस हैं और कितने लोगों में फैलने की क्षमता रखते हैं।

सेल नामक पत्रिका में प्रकाशित एक रिपोर्ट में शनडांग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कहा, "चमगादड़ की 23 प्रजातियों से रिसर्च के लिए 411 सैंपल इकट्ठे किए गए। उसके बाद चमगादड़ के मूत्र, मल और मुंह से प्राप्त नमूनों को जांचा गया। सैंपल जंगल में रहनेवाले छोटे चमगादड़ों से मई 2019 और नवंबर 2020 के बीच जुटाए गए थे। रिसर्च के दौरान हमने पाया कि चार वायरस SARS-CoV-2 के समान थे।" चीनी शोधकर्ताओं के मुताबिक, वायरसों में से एक आनुवांशिक रूप से SARS-CoV-2 वायरस के करीब था, जो वर्तमान में कोविड-19 महामारी की वजह बन रहा है।

उन्होंने कहा, "ये स्पाइक प्रोटीन पर आनुवांशिक अंतर को छोड़कर SARS-CoV-2 का सबसे करीबी स्ट्रेन हो सकता है।" शोधकर्ताओ का कहना है कि जून 2020 में थाईलैंड से इकट्ठा किए गए SARS-CoV-2 संबंधित वायरस के साथ, ये नतीजे स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि SARS-CoV-2 से नजदीकी वायरस चमगादड़ की आबादी में प्रसारित होते रहे हैं, और कुछ क्षेत्रों में अपेक्षाकृत ज्यादा हो सकते हैं। अमेरिकी संस्था सेंटर फोर डिजीज एंड कंट्रोल के मुताबिक, वायरसों में निरंतर म्यूटेशन से बदलाव आते रहता है, और किसी वायरस के नए वेरिएन्ट्स होने की उम्मीद होती है। कभी-कभी नए वेरिएन्ट्स उभरते हैं और गायब हो जाते हैं। दूसरी बार, नए वेरिएन्ट्स बने रहते हैं।