दुनिया में चीन के खिलाफ तेजी से माहौल बन रहा है जिसके चलते वहां के राष्ट्र​पति ने बड़ा बयान दिया है। अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ ने चीन की नींद उड़ा दी है, वह अपना डर छिपाने के लिए बयानबाजी का सहारा ले रहा है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने धमकी भरे अंदाज में कहा कि यदि चीन के सुरक्षा हितों और संप्रभुता को नुकसान पहुंचा, तो हम खामोश नहीं बैठेंगे।

जिनपिंग ने अप्रत्यक्ष तौर पर भारत और अमेरिका को निशाना बनाते हुए कहा कि चीन न तो आधिपत्‍य स्‍थापित करने का प्रयास करेगा और न ही विस्‍तारवाद को बढ़ावा देगा, लेकिन यदि चीन की संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की अनदेखी की जाती है, उन्हें किसी तरह प्रभावित किया जाता है, तो फिर हम खामोश नहीं बैठेंगे।

चीनी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि हम यह बर्दाश्त नहीं करेंगे कि कोई चीनी क्षेत्र पर अतिक्रमण या उसे बांटने की कोशिश करे। अगर स्थिति गंभीर होती है तो चीनी जनता निश्चित रूप से इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। शी जिनपिंग का यह बयान अपने ऊपर बन रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव को कम करने की रणनीति का हिस्सा है। जब भी चीन खुद को घिरा पाता है, तो इसी तरह की बयानबाजी करके यह दिखाने का प्रयास करता है कि वो हर स्थिति के लिए तैयार है. ।
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ अगले हफ्ते दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच टू प्लस टू मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने आ रहे हैं। अमेरिकी विदेश विभाग की तरफ से कहा गया है कि इसमें चीन से होने वाले खतरों पर चर्चा की जाएगी। नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन की स्थिति पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक 26 और 27 अक्टूबर को दिल्ली में होगी। बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के साथ अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर भी भारत आ रहे हैं।