कोरोना वायरस (corona virus) का प्रकोप ऐसे समय में हुआ जब चीन राष्ट्रीय दिवस (Chinese National Day) की छुट्टियों के लिए कमर कस रहा है। इसका मतलब है कि महामारी की रोकथाम और नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है।

देश के फुच्येन और हेइलोंगच्यांग प्रांतों ने हाल ही में कोविड-19 (Covid-19) मामलों की सूचना दी, और कुछ दिनों पहले मकाओ में दो नए आयातित संक्रमण दर्ज किए गए।

चूंकि राष्ट्रीय दिवस (national day) अवकाश यात्रा का मौसम कोरोना संक्रमण के जोखिम को और बढ़ा देगा, इसलिए महामारी विरोधी सतर्कता में एक पल के लिए भी ढील नहीं दी जा सकती है।

शुक्रवार से शुरू होने वाला गोल्डन वीक (अवकाश सप्ताह) यह भी निर्धारित करने के लिए एक बड़ी अग्नि-परीक्षा है कि क्या पर्यटन स्थल सभी महामारी-रोकथाम और नियंत्रण मानदंडों का पालन करते हुए पर्यटकों के लिए उचित सेवाएं प्रदान कर सकते हैं। पर्यटकों के प्रवाह को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े डेटा का उपयोग करने सहित पर्यटन स्थलों, और परिवहन और अन्य पर्यटन से संबंधित विभागों को ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है।

यात्रियों की बढ़ती संख्या की तैयारी के लिए, देश भर के पर्यटन स्थलों को आवश्यक एहतियाती उपाय करने और यात्रियों की संख्या को सख्ती से नियंत्रित करने की आवश्यकता है। वे पर्यटक स्थल जहां भारी संख्या में लोग उपस्थित हो सकते हैं, उन्हें पर्यटकों के प्रवाह को नियंत्रित करना चाहिए और एक ही समय में अत्यधिक संख्या में यात्रियों को एकत्रित होने से रोकना चाहिए।

जुलाई के बाद से च्यांगसू प्रांत की राजधानी नानचिंग, चांगच्याच्ये, हुनान प्रांत और पुथ्येन, फुच्येन प्रांत में प्रकोप देखने को मिला है। इससे जाहिर होता है कि अभी महामारी खत्म नहीं हुई है और किसी भी क्षण फिर से सामने आ सकती है।

इसलिए, लोगों को अपनी छुट्टियों की यात्रा की योजना बनाते समय सावधान रहना चाहिए, और महामारी की स्थिति पर पूरा ध्यान देना चाहिए ताकि प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचा जा सके।

छुट्टी के दौरान यात्रा करने वालों को स्थानीय महामारी स्थितियों और प्रासंगिक महामारी की रोकथाम और नियंत्रण उपायों के साथ खुद को अपडेट रखना चाहिए।

राष्ट्रीय दिवस (national day) की छुट्टी अर्थव्यवस्था की रिकवरी को बढ़ावा दे सकती है। हालांकि, एक ही समय में बड़ी संख्या में यात्रा करने वाले लोगों से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

केवल वैज्ञानिक और प्रभावी महामारी की रोकथाम और नियंत्रण उपायों को सख्ती से लागू करके ही इस 'अग्नि-परीक्षा' को पास कर सकते हैं।