चीन का मीडिया भारत के साथ युद्ध करवाने पर उन्मादी हो गया है जिसके चलते उसने युद्धाभ्यास का वीडियो जारी किया है। चीन के साथ कोर कमांडर लेवल की बातचीत के बावजूद चीनी मीडिया रोजाना चीन की सेना के युद्धाभ्यास के वीडियो को जारी कर रहा है जिससें तनाव फिर से भड़क सकता है। चीन ने अपने दोहरे रवैये के लिए दुनियाभर में विश्वसनीयता का संकट खड़ा कर दिया है।
आज भी चीन सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने भारत से लगी सीमा के नजदीक युद्धाभ्यास का वीडियो जारी किया। जिसमें कहा गया है कि यह युद्धाभ्यास मई के मध्य से जून के शुरुआती हफ्ते तक चला। इस दौरान चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पैराट्रूपर्स ने टैक्टिकल ड्रिल और युद्ध की परिस्थियों में की जाने वाली कार्रवाईयों को अंजाम दिया।
ग्लोबल टाइम्स ने बताया है कि पीएलए एयरबोर्न ब्रिगेड ने 1 जून को उत्तरपश्चिमी चीन के सीमावर्ती हिस्से में बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास का आयोजन किया। इसमें चीनी एयरफोर्स के पैराट्रूपर्स के अलावा मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री बटालियन ने हिस्सा लिया। इस दौरान जिसमें ऑर्मर्ड व्हीकल, टैंक-तोप और मिसाइल ब्रिगेड, सेना की इंजीनियरिंग टुकड़ी ने एक वास्तविक युद्धक परिदृश्य में अपनी तैयारियों को जांचा।
ग्लोबल टाइम्स ने इससे पहले 7 जून को एक और विडियो जारी कर चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के मध्य चीन के हुबेई प्रांत में युद्धाभ्यास के बारे में जानकारी दी थी। इसमें पठारी उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में हजारों पैराट्रूपर्स और बख्तरबंद वाहनों के साथ बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास का आयोजन किया गया। इस दौरान चीनी सेना ने भारत से लगती सीमा पर युद्ध के समय तेजी से भारी हथियार और सैन्य साजोसामान पहुंचाने की तैयारियों को भी परखा।
चीनी विशेषज्ञों ने कहा कि पूरी प्रक्रिया को कुछ ही घंटों में पूरा कर लिया गया। जिसमें जरुरत पड़ने पर सीमा सुरक्षा को जल्द से जल्द मजबूत करने की चीन की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। चाइना सेंट्रल टेलीविजन (CCTV) ने बताया कि शनिवार को भारत से लगती सीमा के पास एक अज्ञात स्थान पर पीएलए वायु सेना के एयरबोर्न ब्रिगेड ने कई हजार पैराट्रूपर्स को सिविलियन एयरलाइंस, लॉजिस्टिक ट्रांसपोर्टेशन चैनल और ट्रेनों के जरिए जल्द से जल्द तैनात किया गया।
चाइना सेंट्रल टेलीविजन ने कहा कि हुबेई प्रांत इस साल के शुरुआत में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित था लेकिन अब यहां संक्रमण पूरी तरह से नियंत्रण में आ गया है। इसलिए सैनिकों को यहां युद्धाभ्यास के लिए उतारा गया है। चीनी थलसेना के रविवार को किए गए युद्धाभ्यास में सैकड़ों बख्तरबंद वाहन, टैंक, तोप और मिसाइल ब्रिगेड को एक स्थान से दूसरे स्थान पर तैनात किया गया।
चीनी सेना ने 1 जून को भी तिब्बत के ऊंचाई वाले इलाके में आधी रात के घने अंधेरे में युद्धाभ्यास किया था। चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की तिब्बत मिलिट्री कमांड ने सोमवार देर रात 4,700 मीटर की ऊंचाई पर सेना भेजी और कठिन हालात में अपनी क्षमता का परीक्षण किया था।