डोकलाम के बाद अब चीन की नजर चामोली जिले के  तनजुन ला पर है। तनजुन ला में चीनी सैनिकों के भारतीय सीमा में 200 मीटर अंदर तक देखे जाने की सूचना है। इन खबरों के बाद चमोली के जिला प्रशासन ने 18 अधिकारियों का एक दल मौके के लिए रवाना कर दिया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर चीनी सैनिकों के घुसपैठ की पुष्टि नहीं की गई है।
आईटीबीपी के सूत्रों ने स्वीकार किया कि इसी महीने तीन, छह, आठ और दस जुलाई को चीनी सैनिक सीमा रेखा तनजुन ला से 200 मीटर तक अंदर घुसे। आठ जुलाई को 32 सैनिक वहां गाड़ियों और घोड़ों में नजर आए। दस जुलाई को पांच मोटर साइकिलों में फिर से चीनी सैनिक वहां देखे गए। सूत्रों का यह भी कहना है कि आईटीबीपी के विरोध के बाद सैनिक वापस लौट गए।

एेसी खबरों के बाद चमोली के जिला प्रशासन ने 18 अधिकारियों का दल मौके पर भेजा है। दल का नेतृत्व जिला उद्यान अधिकारी नरेश कुमार कर रहे हैं। हालांकि बड़ाहोती में हर साल अफसरों का दल भेजा जाता है। लेकिन इस बार यह दल अगस्त के बजाय जुलाई में ही भेज दिया गया है।

चमोली की डीएम स्वाति भदौरिया ने दल बड़ाहोती भेजे जाने की पुष्टि की। हालांकि उन्होंने चीनी सैनिकों की घुसपैठ की जानकारी से इनकार किया है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह का कहना है कि नो मैंस लैंड बड़ाहोती में चीनी जवानों के आने की कोई सूचना नहीं है। संवेदनशील मुद्दा होने से इस पर कोई कमेंट नहीं किया जा सकता है लेकिन भारतीय सेना पहले से ही सीमा पर अलर्ट है।

गौरतलब है कि तनजुन ला बड़ाहोती से तीन किलोमीटर आगे चीन सीमा की तरफ है। 1956 चीनी सेना बड़ाहोती तक घुस गई थी। इसके बाद भारत और चीन सरकार के हस्तक्षेप के बाद दोनों सेनाएं पीछे हटी थी। तब से यह क्षेत्र नो मेंस लैंड माना जाता है।