चीन के कदमों से एेसा लगता है कि भविष्य में डोकलाम जैसी आैर घटनाएं हो सकती है आैर इससे निपटने की तैयारी के लिए भारतीय सेना केा प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों में आधारभूत संरचना बनाने की जरूरत है।  एेसा सेना के दो पूर्व कमांडरों ने कहा।


इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘डोकलाम रीविजिटेड’ नामक विषय पर संगोष्ठी के दौरान सेना के पूर्व कमांडर प्रवीण बख्शी आैर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने ये बातकें कही।उन्होंने कहा कि जिस तरह की घटनाएं हमें देखने को मिल रही हैं भविष्य में ऐसी और घटनाएं देखने को मिलेंगी। उन्होंने कहा कि अगर ये घटनाएं वैसी जगहों पर होंगी जहां आधारभूत संरचनाएं विकसित नहीं हुई हैं तो यह चिंता की बात होगी।


बता दें कि डोकलाम में भारत और चीन के बीच गतिरोध के दौरान सेना के पूर्वी कमांड का नेतृत्तव करने वाले लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) प्रवीण बख्शी ने कहा कि वह सरकार के आभारी हैं क्योंकि सरकार ने उन्हें इसे लेकर कदम उठाने की पूरी स्वतंत्रता दी थी जो चीनी सैनिकों को रोकने के लिए उचित कदम रहा।


एक समान पैटर्न

तो वहीं पूर्व उत्तरी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा (सेवानिवृत्त) ने पिछले कुछ सालों में भारत और चीन के सैनिकों के बीच डोकलाम, चुमार और डेमचोक गतिरोध के बारे में बात करते हुए कहा कि तीनों घटनाएं अलग-अलग हैं और उनके पीछे का मकसद भी अलग-अलग हो सकता है, लेकिन इन सबसे एक समान पैटर्न उभर कर निकला है।


400 मीटर सीमा के अंदर घुसे चीनी सैनिक

अभी हाल ही में चीन ने एक बार फिर भारत सीमा के अंदर घुसने की कोशिश की है। रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी सैनिक 4057 किमी लंबे लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) में लद्दाख सीमा के 400 मीटर अंदर घुस गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने पूर्वी लद्दाख के देमचक सेक्टर में 5 टेंट गाड़ दिए हैं। हालांकि, ये दावा किया जा रहा है कि पिछले सोमवार को ही इसमें से तीन टेंट को चेद्रांग-नेरलांग नल्लन एरिया से हटा दिया गया है। लेकिन, दो टेंट अब भी इसी क्षेत्र में लगे हुए हैं। बता दें लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल के किनारे पर डेमचक 23 विवादित और संवेदनशील जगहों में से एक जगह है। वहीं, लद्दाख में दूसरे विवादित इलाके ट्रिग हाइट, डमचेले, चुमार, स्पंगूर गैप और पंगोंग है।


चीनी सेना ने 170 बार किया सीमा शर्तों का उल्लंघन

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल चीनी सेना ने 170 बार सीमा शर्तों का उल्लंघन किया है। पिछले साल यह संख्या 426 थी। वहीं, साल 2016 में संख्या 273 थी। पिछले साल जून महीने में ही चीन ने भारत-तिब्बत सीमा पर मौसम विभाग का एक स्टेशन तैयार कर दिया था। इसके बाद दोनों देशों के सैनिकों में गतिरोध हुआ था। पिछले महीने ही विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा था कि डोकलाम में जहां पिछले साल विवाद हुआ था वहां किसी तरह की घटना देखने को नहीं मिली है। पिछले साल अगस्त में ही भारत और चीन ने अपने 73 दिन के गतिरोध को खत्म किया था।